पवन परूथी/गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत कोठारी ने कहा है कि नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए, आम जनों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में नगरीय निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्री हिम्मत कोठारी ने यह बात शुक्रवार को मोतीमहल के मानसभागार में राज्य वित्त आयोग की समीक्षा बैठक में कही। राज्य वित्त आयोग द्वारा नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ वित्तीय समन्वय के संबंध में आयोजित इस बैठक में महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर, सभापति श्री राकेश माहौर, संभागीय आयुक्त श्री बी एम शर्मा, नेता प्रतिपक्ष श्री कृष्णराव दीक्षित, डबरा नगर पालिका अध्यक्ष, संयुक्त संचालक नगरीय निकाय श्री हिमांशु द्विवेदी, अपर आयुक्त वित्त श्री देवेन्द्र पालिया सहित संभाग के सभी जिलों के नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने बैठक में कहा कि आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।
राज्य वित्त आयोग के सदस्य श्री के एम आचार्य ने राज्य वित्त आयोग की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा सभी नगरीय निकायों से वित्तीय जानकारी एवं सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। जिन नगरीय निकायों द्वारा अपने सुझाव एवं जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई है, वे 5 मार्च 2019 तक अनिवार्यत: अपनी जानकारी और प्रस्ताव भेजें, ताकि आयोग की रिपोर्ट में उनका समावेश किया जा सके। बैठक में नगर निगम सभापति श्री राकेश माहौर एवं नेता प्रतिपक्ष श्री कृष्णराव दीक्षित ने भी आवश्यक सुझाव रखे। बैठक के प्रारंभ में संभागीय आयुक्त श्री बी एम शर्मा ने राज्य वित्त आयोग की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन के लिए नीति निर्धारण में राज्य वित्त आयोग महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है। श्री बी एम शर्मा ने कहा कि नगर निगम ग्वालियर के साथ-साथ संभाग के अन्य जिलों के नगरीय निकायों को भी अपनी-अपनी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। करों की चालू वर्ष की वसूली के साथ-साथ पुरानी वसूलियों को भी वसूल करने की दिशा में वर्ष भर कार्य किया जाना चाहिए।
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