हल्दी(बलिया)। क्षेत्र के परसिया गांव में स्थित महर्षि पराशर मुनि के तपोभूमि पर सोमवार को एक दिवसीय मेला समपन्न हुआ. मान्यता है कि पराशर मुनि के पास स्थित पोखरा में स्नान करने से कुष्ठ रोग की समाप्ति हो जाती है. वहीं पोखरे का पांच बार परिक्रमा करते हुए जौ बोने का रिवाज है. कहा जाता है कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं ऐसा करती है. इस दौरान जिले के कोने-कोने से हजारों महिलाएं व पुरुषों ने हिस्सा लिया.

पराशर मुनि धाम पर प्रतिवर्ष अनंत चतुर्दशी के अगले दिन व कार्तिक मास में पंचकोशी के दौरान मेला लगता है.जहाँ पर अनंत चतुर्दशी को ही जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने रात्रि विश्राम किया और सुबह पोखरे में स्नान करके जौ बोते हुए पांच बार परिक्रमा की. परसिया ग्राम प्रधान त्रिवेणी सिंह बब्लू ने बताया कि पराशर मुनि के समाधि स्थल के दो सौ मीटर के परिधि में कहीं भी खुदाई करने पर मनुष्यों का कंकाल व हड्डियां मिलती है. गांव के 90 वर्षीय वृद्ध भगवती ओझा ने बताया कि इस धाम पर 84 हजार साधू महात्माओं ने यहां तपस्या की है और समाधि ली है. मेले में महिलाएं अपनी जरूरत की वस्तुओं को खरीदारी की, तो वहीं बच्चों ने चाट, जिलेबी के साथ चरखी का आनंद लिया.
थाने के उपनिरीक्षक राघवराम यादव ने अपने मातहतों के साथ पूरे दिन मुस्तैद रहे.
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