अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को नए स्थापित बाघों का प्रबंधन विषय पर उद्यान चौपाल का आयोजन किया गया।क्षइस आयोजन में कुलपति डॉ० आरके सुहाने की अध्यक्षता में हुई उद्घाटन सत्र में कुलपति ने उद्यान चौपाल के महत्व व उपयोग पर विस्तार से बताया।
मुख्य वक्ता व संयोजक उपनिदेशक प्रशिक्षक डॉ० अभय मानकर के अलावे वक्ता मुख्य वैज्ञानिक उद्यान अटारी पटना से डॉ० अमरेंद्र कुमार के अलावे कन्हैया वैज्ञानिक कीट विज्ञान बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर डॉ० तमोगनो साहा ने चौपाल को संबोधित किया।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े किसानों ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार की समस्याओं का जिक्र किया। वैज्ञानिकों के समस्या का समाधान का हल बताया।
ई उद्यान चौपाल में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ ,उत्तर प्रदेश के प्रदेशों से 50 से अधिक युवा किसानों के अलावे 700 से अधिक लोग यूट्यूब के माध्यम से जुड़े और चौपाल का लाभ उठाया।
बताते चलें कि आर के सोहाने ने चक्रवाती तूफान को किसानों के लिए कुछ रूप में अच्छा भी बताया।
समय से पहले बारिश का पानी समूह के खेत में इकट्ठा हो गया है उसे क्यारी बनाकर अच्छे से खेती कर सकते हैं। कुछ चीजों का नुकसान हुआ है परंतु इसे पॉजिटिव बनाना है। उनका यह भी कहना हुआ कि किसान मेहनती होते हैं ऊपर वाले ने सुनी और उनके अनुकूल बारिश हो गई है अब इस बार खेतीअच्छी होगी।
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