हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

सीमित संख्या में दौड़ रही स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों को ग्वालियर स्टेशन पर गला तर करने के लिए ठंडा पानी तक इस कोरोना काल में उपलब्ध नहीं है। प्लेटफार्म पर लगे अधिकतर वाटर कूलर बंद हैं वहीं जो चालू हालत में हैं उन बाटर कूलरों की टोटियां गर्म पानी उगल रही हैं। कुछ वाटर कूलरों में टोटिंया तक नहीं हैं। स्टेशन पर आईआरसीटीसी द्वारा स्टॉल की गई वाटर वेंडिंग मशीनें इस चिलचिलाती गला तर करने गर्मी होने के बाद भी को मुसाफिर हो इस साल भी तालों में बंद हैं।

ग्वालियर रेलवे स्टेशन से रोजाना 18 जोडी ट्रेनों से ढाई से तीन हजार यात्रियों की आवाजाही हो रही है। वहीं स्लीपर व जनरल कोच में सफर करने वाले यात्री प्लेटफार्म पर ट्रेन के रुकते ही ठंडा पानी भरने के लिए बोतल व फ्लास्क लेकर प्लेटफार्म पर लगे वाटर कूलरों की ओर दौड़ लगाते देखे जा सकते हैं, लेकिन ये सभी वाटर कूलर गर्मी के मौसम में ठंडे पानी की जगह गर्म पानी उगल रहे हैं जिससे गरीब यात्रियों को ठंडे पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सनद रहे कि बीते साल से कोरोना संक्रमण के फैलाव के चलते मुसाफिरों को निःशुल्क ठंडा पानी उपलब्ध कराने वाली पंजाबी परिषद की सेवा इस साल भी बंद है।
बीस रुपए करने पड़ रहे हैं खर्च
कोविड काल के चलते जहां रेलवे ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों से स्पेशल ट्रेन के नाम पर सामान्य से अधिक किराया वसूल रहा है वहीं स्टेशन पर लगी वाटर वेंडिंग मशीनें बंद होने के साथ ही वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं मिल पाने के कारण गरीब यात्रियों को बीस रुपए खर्च कर पानी की बॉटल मजबूरी में खरीदकर गला तर करना पड़ रहा है।
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