इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में परिवार को सूचना दिए बिना कोरोना मरीज बुजुर्ग को डिस्चार्ज कर दिया गया। अगले दिन कुशल जानने पहुंचे बेटे को हकीकत पता चली तो उनके होश उड़ गए। आपत्ति के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों को ढूंढने के लिए लगाया। तब बुजुर्ग अस्पताल परिसर में ही एक क्यारी में पड़े मिले। रात में उनकी मौत हो गई।
शिव कॉलोनी निवासी हेमंत धानु का आरोप है कि उनके 65 वर्षीय पिता कई दिनों से सुपर स्पेशिएलिटी में भर्ती थे। स्टाफ काउंसलिंग कर पिता की स्थिति के बारे में बताता था। शनिवार को मैं आया, लेकिन स्टाफ ने उनके बारे में कुछ नहीं बताया। रविवार को पहुंचा तो पता चला कि उन्हें तो शनिवार 4 बजे ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। रिसेप्शन पर इसकी एंट्री तक नहीं थी। वे सुन नहीं पाते थे, इसलिए हमें फोन नहीं लगाया। बाद में वे अस्पताल में ही एक क्यारी में मिले। घर ले जाने के बाद तबीयत बिगड़ी तो एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हेमंत का कहना है शनिवार शाम को उन्हें डिस्चार्ज किया गया था। रविवार दोपहर हमें मिले। पूरी रात उन्होंने किस हाल में बिताई होगी, कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। घर पर वे बमुश्किल चार घंटे ही रह पाए और तबीयत बिगड़ गई।
परिजन के आरोप गलत हैं। उन्हें डिस्चार्ज करने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। वे नहीं पहुंचे। शनिवार से बुजुर्ग पुलिस के टेंट के नीचे बैठे थे।
-डॉ. डीके शर्मा, सहायक अधीक्षक, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल
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