मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता
मप्र में कर्मचारियों/पेंशनरों को जुलाई 2019 से लंबित पांच फीसदी डीए/डीआर भुगतान का रास्ता आठ माह व्यतीत होने पर भी नजर नहीं आ रहा हैं। जुलाई 2019 से लंबित पांच फीसदी डीए/डीआर के भुगतान में सरकार अपनी रहस्यमयी चुप्पी से असहज लग रही हैं।
आईएएस अफसरों का डीए वापस 12 प्रतिशत कर दीजिए
एक सुझाव है कि -भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को जुलाई 2019 से डीए पांच फीसदी बढ़ाकर बारह के स्थान पर सत्रह फीसदी भुगतान किया जा रहा हैं उसे तत्काल प्रभाव से रोक कर प्रदेश कर्मचारियों के समान पुनः बारह फीसदी दिया जावे। जब तक राज्य कर्मचारियों/पेंशनरों को बढ़ा हुआ डीए/डीआर नहीं दिया जाता तब तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी भुगतान नहीं किया जावे।
आईएएस अफसर तत्काल बेहतर वित्तीय प्रबंधन के रास्ते खोज
इसका प्रभाव यह होगा कि प्रभावित अधिकारी वर्ग बजट के अंतर्गत ही तत्काल बेहतर वित्तीय प्रबंधन के रास्ते खोज कर समाधान करेंगे। कर्मचारी नेता लक्षकार ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्रीमान कमलनाथ जी एवं वित्त मंत्री माननीय श्रीमान तरूण भनोट से मांग की है कि राज्य कर्मचारियों/पेंशनरों को डीए/डीआर को केंद्रीय दर एवं तिथि से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ एक ही आदेश से भुगतान की स्थायी व्यवस्था कायम की जावे ताकि भविष्य में कर्मचारियों में टकराव नाराजगी व आक्रोश की स्थिति निर्मित न हो।
लेखक श्री कन्हैयालाल लक्षकार मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष हैं।
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