देश में एनआरसी और सीएए यानि नागरिकता कानून पर विरोध हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी भले ही जागरूक करने का प्रयास कर रही हो लेकिन विपक्ष इस कानून के विरोध में ही है। वहीं विपक्षी दलों ने एनआरसी और सीएए के लिए एक दूसरे का समर्थन मांगना भी शुरू कर दिया है। इसी वजह से ममता बनर्जी ने एनपीसी प्रमुख शरद पवार को पत्र लिखा था और समर्थन मांगा था। जानें उनके खत पर बड़े राजनीतिज्ञ माने जाने वाले शरद पवार ने क्या जवाब दिया।
ममता बनर्जी कर रही हैं विरोध
तृणमूल अध्यक्ष और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस कानून का जमकर विरोध कर रही हैं। वहीं उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वो न तो सीएए को अपने राज्य में लागू करेंगी और न ही एनआरसी को लागू करने देंगी। इतना ही नहीं उन्होंने मोदी सरकार को चेतावनी भी दे दी है कि चाहे उनकी सरकार को बर्खास्त ही क्यों न करना पड़े, वो ये कानून लागू नहीं करेंगी।
नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध कर रहीं ममता बनर्जी ने 23 दिसंबर को समर्थन मांगने के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार को पत्र लिखा था। इस खत का शरद पवार ने जवाब दे दिया। उन्होंने ममता को 27 दिसंबर को पत्र लिखा और कहा कि आपकी मुहिम के बारे में मुझे पता है। इसके साथ ही शरद ने कहा है कि आपकी मुहिम के मैं साथ हूं।
(न्यूज सोर्स- ndtv)
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