भोपाल। होशंगाबाद में कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और तत्कालीन एसडीएम रवीश श्रीवास्तव के बीच हुए विवाद की जांच पूरी हो गई है। कमिश्नर रविंद्र कुमार मिश्रा ने दोनों के बयान रिकॉर्ड किए। इस प्रक्रिया में कुल 20 लोगों के बयान रिकॉर्ड किए गए। करीब 6 घंटे में जांच पूरी कर ली गई और रात करीब 1.30 बजे कमिश्नर मिश्रा ने जांच रिपोर्ट भोपाल में सबमिट कर दी।
कमिश्नर ने दोनों को ही गलत बताया
सूत्रों के अनुसार बयान में कलेक्टर और एसडीएम दाेनों की गलती सामने आई है। जिपं सीईओ आदित्य सिंह, एडीएम केडी त्रिपाठी, तहसीलदार शैलेंद्र बड़ाेनिया, नायब तहसीलदार ललित साेनी, जिला खनिज अधिकारी महेंद्र पटेल, रेत ठेकेदार वैभव शर्मा, बिल्डर एसाेसिएशन प्रेसिडेंट सहित अन्य कर्मचारियाें, अधिकारियाें के ड्राइवराें ने लिखित बयान कमिश्नर काे दिए।
प्रमुख सचिव ने सोमवार तक रिपोर्ट मांगी थी
कमिश्नर रविंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कलेक्टर-एसडीएम सहित करीब 20 लाेगाें के बयान लिए हैं। रात काे ही बयान की रिपाेर्ट बनाकर मंत्रालय भाेपाल सौंप दी है। बता दें कि कलेक्टर-एसडीएम के विवाद की रिपाेर्ट प्रमुख सचिव प्रमुख कार्मिक सचिव कार्मिक दीप्ति गाैड मुखर्जी और प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा ने साेमवार तक मांगी थी। कमिश्नर रविवार रात को ही मामले की रिपोर्ट देकर होशंगाबाद लौट आए।
जांच में माेबाइल रिकाॅडिंग और सीसीटीवी फुटेज भी
साेमवार काे विवाद काे लेकर काेई बड़ा फैसला मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव एसआर माेहंती ले सकते हैं। जांच में सभी से लिखित बयान के अलावा माेबाइल रिकाॅडिंग और सीसीटीवी फुटेज काे रिपाेर्ट में शामिल किया है।
जांच की निष्पक्षता पर सवाल
इस बीच कुछ फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं। इसमें ड्राइवर के बयान दर्ज किए जाते समय कलेक्टर ना केवल उपस्थित थे बल्कि को बयान दर्ज कराने के दौरान बातचीत भी कर रहे थे। आरोप है कि वो अपनी मर्जी का बयान रिकॉर्ड करवा रहे थे। ड्राइवर ने केवल साइन किए हैं।
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