भोपाल। हाल ही में योग दिवस के अवसर पर सरकार ने दोहराया था कि स्कूलों में शारीरिक शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। सरकार ने शारीरिक शिक्षा के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी परंतु दस्तावेज सत्यापन के बाद अचानक एक आदेश निकाल दिया कि भर्ती प्रक्रिया निरस्त की जाती है। चैंकाने वाली बात यह है कि कई अतिथि शिक्षक पिछले 5 साल से सेवाएं दे रहे हैं। इस आदेश से वो बेरोजगार हो गए।
प्रार्थी लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि शारीरिक शिक्षा, शिक्षा की रीढ़ की हड्ड़ी मानी जाती है। जिससे बच्चों की शारीरिक गतिविधा संचालित होती है । जिससे बच्चे अपना सर्वांगीण विकास करते है एवं शिक्षा का इसको अभिन्न अंग माना जाता है। जिसके लिये सरकार की फिजिकल एजुकेशन ;शारीरिक शिक्षा कॉलेज खोल के रखी है। इसके लिए कई कोर्स कराए जाते हैं जैसे Bped,Mped,Dped.
ये कोर्स स्कूल कॉलेजो में खेल शिक्षक के पद के लिये हैं, लेकिन आज सरकार इन पदों को स्कूल से समाप्त कर रही है जबकि हर हाई स्कूल और हायर सेकेण्ड़री स्कूलों में खेल शिक्षक अनिवार्य है, 2011 के बाद आज तक किसी स्कूल कॉलेजो में इन शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई है, जबकि सरकार स्कूलों में खेल फंड़ की व्यवस्था की है जिसमें हर बच्चे से खेल.कूद का हर वर्ष पैसा वसूला जाता है ।
2019.20 सत्र के लिये सरकार इन बेरोजगारों से सत्यापन करवाई और स्कोरकार्ड़ भी जनरेट किया परन्तु अचानक से स्कूलो में अतिथि शिक्षक को ना आमंत्रित करने का आदेश निकाल दिया। जिससे 8 साल से इंतजार कर रहे अभ्यार्थी निराश हो गये। जबकि 2014 से लगातार अतिथि रूप में ये अभ्यर्थी स्कूल में सेवा दे रहे है।
अतः सरकार से निवेदन है कि इस आदेश को तत्काल रद्द करें एवं नया आदेश निकालें जिसमें स्पष्ट हो कि हर हायर सेकेण्ड़री स्कूल से खेल शिक्षक अतिथि के रूप में रखा जाये। हम हजारें अभ्यार्थी संपादक महोदय से विनम्र प्रार्थना करते है कि हमारी बात सरकार तक पंहुचाई जाए क्योंकि अतिथि शिक्षक शाला में केवल 8 तारीख तक आवेदन कर सकते है। ऐसा शासन का आदेश है। हम आशा करते है कि सरकार हम अभ्यार्थियों भी स्कूलो में सेवा देने का अवसर प्रदान करने की कृपा करें अन्यथा की स्थिति में हम 1000 अभ्यर्थी सड़को पर आंदोलन करेंगे एवं कोर्ट की शरण लेगें।
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