करंट लगने से युवा हाथी की मौत, पहले भी चार हाथी और दो गैंडों की करंट लगने से जा चुकी है जान

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

टाइगर रिजर्व बफर जोन के सठियाना रेंज से लगभग 100 मीटर की दूरी पर नार्थ खीरी फारेस्ट के बफर जोन में निषाद नगर घोला के राजेंद्र प्रसाद के गन्ने के खेत में लगे विद्युत ट्रांसफार्मर से बिजली का करंट लगने से एक नर हाथी उम्र लगभग 22 वर्ष की मृत्यु हो गयी है। जैसे ही इस घटना की जानकारी पार्क प्रशासन को हुई तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया ।आनन-फानन में पार्क कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी ।सूचना पाकर डी डी नार्थ अनील पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौके पर पहुँचे और मृत हाथी के शव को अपने कब्जे में लिया । डाक्टरों का पैनल उसका पोस्टमार्टम करने के बाद मृत्यु के कारण की जानकारी देगा।

आपको बता दें कि इसी तरह की घटना आठ जुलाई 2011 को हुई थी जिसमें तीन हाथीयों की करेंट से मौत हुई थी। उसके बाद 17 जुलाई 2018 में करंट लगने से एक युवा हाथी की दर्दनाक मौत हो गई थी ।इतना ही नहीं बिजली का करंट दुधवा दो गैंडो की भी जान लें चुका है। लेकिन वन क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को देखने वाला कोई नहीं है।

उक्त घटना की जानकारी पार्क के कर्मचारियों द्वारा देने पर मेरा द्वारा घटना स्थल पर पहुँचकर बारीकी से निरीक्षण किया गया है और करंट लगने से नर हाथी की दर्दनाक मौत की विभागीय जांच के आदेश दे दिये गए है: अनिल पटेल, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा टाइगर बफ़र जोन, लखीमपुर खीरी।



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