वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी की कोतवाली गोला गोकर्णनाथ में जनता की उम्मीदों पर नवागत कोतवाल डीपी तिवारी जी खरे नहीं उतर रहे हैं।
आपको बताते चलें कि जिला लखीमपुर खीरी की कोतवाली गोला गोकर्णनाथ में पूर्व कोतवाल भानु प्रताप सिंह को पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा लाइन हाजिर कर उनका स्थानांतरण करके उनके स्थान पर डीपी तिवारी को गोला की कमान संभालने को दी गई है। जिनका स्वागत गोला के नगर वासियों ने खूब धूमधाम से किया कि शायद नवागत कोतवाल गोला नगर में बढ़ रहे अपराधों पर लगाम कस पाएंगे और फरियादियों की सुनवाई करेंगे। लेकिन जैसे जैसे समय बीता वैसे वैसे गोला नगर वासियों का विश्वास कोतवाल डीपी तिवारी पर से भी उठने लगा। आपको बताते चलें कि हाल ही में गोला नगर में ओम रस्तोगी ज्वैलर्स सर्राफा दुकान में लाखों की चोरी हुए आज कई दिन हो गए फिर भी कोतवाल द्वारा कोई भी खुलासा नहीं किया गया।
ज्वेलर्स दुकानदार महेंद्र कुमार रस्तोगी का कहना है कि जब मेरी दुकान से चोरी हुई थी तभी गोला कोतवाली से पूछताछ की गई थी और आज लगभग 9 दिन हो रहे हैं फिर भी कोतवाली पुलिस से कोई राहत नहीं मिली है और न ही मुझे कोतवाली में बुलाया गया और न ही किसी बात की मुझसे जानकारी ली गई। ओर तो ओर जब चोर मेरी दुकान से चोरी कर रहा था उसकी सीसीटीवी फुटेज भी कोतवाली में मौजूद होते हुए भी चोर को नही पकड़ा गया है। इससे बढ़ते अपराधों पर गोला पुलिस नकेल कसने में नाकाम नजर आ रही हैं ।विगत तारीख को संपन्न हुए संपूर्ण समाधान दिवस में पीड़ित मो० याशीन अपने मकान पर स्वयं के भाई के लड़कों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लेने से परेशान होकर अपनी फरियाद गोला कोतवाली में फरियादी अपने मकान के कागज लिए हुए कोतवाली के चक्कर काट रहा है फिर भी गोला कोतवाली से उसे न्याय की कोई भी राहत नहीं मिली इस पर उसने अपनी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम साहब को दी,लेकिन डीएम साहब को देने के बावजूद भी किसी भी प्रकार की गोला कोतवाली द्वारा उसकी सुनवाई तक नहीं हुई उक्त मामले से संबंधित जब मीडिया ने कोतवाल डीपी तिवारी से बात करना चाहा तो सावन की तैयारियों में व्यस्तता का कारण बताते हुए मामले को टालते हुए नजर आए । इतना ही नहीं राम आसरे निवासी अलियापुर ने अपने प्रधान शकील की दबंगई से से तंग आकर प्रधान के खिलाफ अपना प्रार्थनापत्र गोला कोतवाली में दिए दिन बीत गए लेकिन अभी तक रामआसरे की सुनने वाला कोई नहीं रामआसरे की मानें तो उसको अपनी जान का खतरा है कि कहीं प्रधान शकील उस पर अपने गुर्गों द्वारा हमला ना करा दे लेकिन रामासरे की रिपोर्ट तक गोला कोतवाली में नहीं दर्ज की गई वही राम आसरे का कहना है कि वह हरिजन है और वह अपनी बेटी के निवास प्रमाण पत्र से संबंधित प्रधान शकील के यहां गया था।इस पर प्रधान शकील ने उससे जातिसूचक शब्द बोलते हुए उसे मारने के लिए दौड़ा जैसे तैसे वह अपने आप को बचा पाया लेकिन उसकी बात को नहीं सुना जाता है। जब उक्त मामले से मोहम्मद यासीन व रामआसरे गोला कोतवाली के चक्कर काटते काटते परेशान होकर गोला सी ओ को लिखित प्रार्थना पत्र दिया।
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