भोपाल। मध्यप्रदेश का राजगढ़ जिला, नरसिंहगढ़ ब्लॉक के डूंगरपुरा गांव में सामाजिक पंचायत (SOCIAL PANCHAYAT) का एक अजीब फैसला (DECISION) सामने आया है। पंचायत ने फैसला सुनाया है कि बलात्कार पीड़ित लड़की का शुद्धीकरण (PURIFICATION OF RAPE VICTIM GIRL) किया जाएगा, क्योंकि उसका रेप नीची जाति के व्यक्ति ने किया है (RAPIST BELONG LOWER CASTE )। शुद्धीकरण के विधान में विशाल भंडारा का आयोजन भी किया जाएगा। पीड़िता के माता पिता जब तक शुद्धीकरण नहीं कराएंगे, पीड़िता व उसके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
रेप का आरोपी नीची जाति का है, इसलिए पीड़िता को शुद्धिकरण कराने का फरमान सुनाया गया है। शुद्धिकरण के दौरान पीड़िता के परिवार को पूरे समाज को भोज पर आमंत्रित करना होगा। जब तक शुद्धिकरण नहीं करवाया जाता तब तक उसके परिवार का समाज से बहिष्कार कर दिया गया है। इस अजीबोगरीब फैसले से पीड़ित परिवार परेशान है। परिवार को न तो सामाजिक कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा है और न ही कोई उनके घर में किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहा है। ऐसे में पीड़िता के माता-पिता ने राजगढ़ पहुंचकर अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई। गांववालों के इस अजीब फैसले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में भी की गई है।
चार महीने पहले हुआ था रेप
दरअसल नरसिंहगढ़ के डूंगरपुरा गांव में 17 साल की नाबालिग लड़की को गांव के ही सियाराम नाम के शख्स ने हवस का शिकार बनाया था। जिसकी रिपोर्ट पीड़ित परिवार ने पुलिस में की थी। वारदात के लगभग 8 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया लेकिन समाज की पंचायत ने लड़की की शुद्धि के लिए अजीब फरमान सुना दिया। जिसमें उन्हें गांव में भंडारा कराने के लिए कहा गया है।
आस-पास के गांव से भी आए लोग
इस फरमान के लिए समाज के गांव के ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण भी जुटे। सभी ने लिखित में एक पंचनामा तैयार किया। जिस पर पीड़िता के माता-पिता के भी हस्ताक्षर कराए गए लेकिन परिवार गरीब होने के कारण अभी तक भंडारा नहीं करा पाया। ऐसे में पीड़ित परिवार का गांव के साथ ही आस-पास के लोगों ने बहिष्कार कर दिया है। हाल ही में एक आयोजन पीड़ित परिवार के घर भी हुआ, जिसका कार्ड भी गांव के किसी व्यक्ति ने नहीं स्वीकार किया।
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