इंदौर। देवास-शाजापुर संसदीय सीट से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव हारे प्रह्लाद टिपानिया ने पार्टी में गुटबाजी के अलावा जातिवाद का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी में सामान्य जातियों के नेता, आरक्षित जातियों के नेताओं से भेदभाव करते हैं। एससी/एसटी प्रत्याशियों का प्रचार करना तो दूर, वो हमसे बात तक नहीं करते। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद प्रह्लाद टिपानिया का प्रचार करने आए थे।
मीडिया से चर्चा करते हुए टिपानिया ने कहा कि कांग्रेस में जातिवादी मानसिकता के पदाधिकारी रिजर्व कैटेगरी अर्थात एससी-एसटी वर्ग के प्रत्याशी का सहयोग नहीं करते हैं। पार्टी के ऊंची जाति के नेता जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात तक नहीं करते। न ही उन्हें तवज्जो देते हैं। कांग्रेस में जातिवादी मानसिकता के लोग भरे हुए हैं।
कांग्रेस में पार्टी कार्यकर्ता नहीं हैं, गुटों के समर्थक हैं
टिपानिया ने कहा कि पार्टी का संगठन सिर्फ कागजों पर ही समीक्षा करता है। पार्टी की जमीनी हकीकत से दिल्ली में बैठे बड़े नेता बेखबर हैं। कांग्रेस की हार का बड़ा कारण गुटबाजी है। कहा- यहां जो जिस गुट का व्यक्ति है वह उसी गुट के लिए काम करता है। पार्टी में समर्पित रूप से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की कमी है।
भजन गायक हैं पद्मश्री प्रह्लाद टिपानिया
कबीर पंथी भजन गायक पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया देवास-शाजापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। भाजपा के महेन्द्र सिंह सोलंकी ने टिपानिया को 3 लाख 72 हजार 249 वोट से पराजित किया था। चुनाव में डाले गए 13 लाख 98 हजार 946 वोट में से टिपानिया को 4 लाख 90 हजार 180 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि भाजपा के सोलंकी को 8 लाख 62 हजार 429 वोट मिले थे।
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