इंदौर। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (Devi Ahilya University) की CET (टाइप वन में शामिल) की आवेदन प्रक्रिया 10 जून तक चलना है। उसी के साथ टाइप टू में नॉन सीईटी कोर्स की आवेदन प्रक्रिया चल रही है। टाइप-3 में शामिल कोर्स में इस बार बीवोक के साथ एमवोक भी जुड़ गया है।
यूनिवर्सिटी में इस साल बीवोक (BEVOK)-एमवोक (MVOK Course) मिलाकर पांच कोर्स हो गए हैं। तीन वर्षीय बीवोक और दो वर्षीय एमवोक कोर्स में 60 फीसदी कोर्स प्रेक्टिकल (इंडस्ट्री विजिट, ट्रेनिंग) आधार पर तैयार किया गया है, जबकि 40 फीसदी थ्योरी रहेगी। यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस स्किल बेस्ड कोर्स को ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की श्रेणी में ही माना जाता है। कोर्स इंचार्ज डॉ. माया इंगले बताती हैं कि इस साल से कोर्स की डिमांड बढ़ने की संभावना है। इसकी डिग्री के बाद पीएससी, यूपीएससी जैसी परीक्षा में भी शामिल हो सकते हैं। दोनों कोर्स के हर सेमेस्टर में कम से कम एक मेजर प्रोजेक्ट रहेगा।
सभी कोर्स की सीटें 50-50 हैं। प्रवेश 12वीं की मेरिट या एमवोक में ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर होगा। छह माह यानी पहले सेमेस्टर के बाद बीवोक कोर्स छोड़ने पर सर्टिफिकेट तथा सालभर में पढ़ाई छोड़ने पर डिप्लोमा मिलेगा। यह नहीं दो साल में कोर्स छोड़ने पर एडवांस डिप्लोमा मिलेगा। तीन साल का कोर्स पूरा होने पर डिग्री मिलेगी। वहीं एमवोक के बाद पढ़ाई छोड़ने पर पीजी डिप्लोमा मिलेगा। एक कोर्स डिप्लोमा इन लॉजिस्टिक एप्लाय (कार्गो मैनेजमेंट) भी चल रहा है, लेकिन यह सिर्फ एक साल का कोर्स है। इसमें 12वीं के बाद प्रवेश होंगे।
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