भोपाल। मध्यप्रदेश की तमाम सरकारी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में लाइब्रेरियन के 200 से ज्यादा पद रिक्त पड़े हुए हैं परंतु सरकार इन पर नियुक्तियां ही नहीं कर रहीं। हालात यह हैं कि कॉलेजों में बाबुओं को लाइब्रेरियन बनाकर बिठा दिया गया है। यही हाल प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेजों का हो गया है। हालात यह हैं कि लाइब्रेरी जैसी महत्वपूर्ण जगह अब बर्बाद हो चुकीं हैं। अयोग्य कर्मचारियों के कारण लाइब्रेरियों में अध्ययन की सामग्री और माहौल ही नहीं रहा।
मध्यप्रदेश में लम्बे समय से लाइब्रेरियन पद पर भर्ती ही नहीं हुई है। हालात यह हैं कि मध्यप्रदेश के 460 सरकारी कॉलेजों में से केवल 58 में ही लाइब्रेरियन नियुक्त हैं, शेष सभी पर बाबुओं को लाइब्रेरियन बनाकर बिठा दिया गया है। भोपाल शहर में 10 सरकारी, अर्ध सरकारी कॉलेजों में से केवल पांच में ई-लाइब्रेरी हैं और बाकी में आज भी रजिस्टर में एंट्री कर काम चलाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पीएससी ने प्रदेश में ग्रंथपाल के 218 पदों पर दिसंबर 2018 में परिणाम घोषित कर इन्हें पास कर दिया था। उच्च शिक्षा विभाग पिछले पांच माह में नियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी नहीं कर सका जिसके चलते ग्रंथपाल परीक्षा पास करने वाले 218 उम्मीदवार बेरोजगार बैठे हैं।
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