भोपाल। कोलार की नई पाइप लाइन (KOLAR PIPELINE) बिछाने का काम 80 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ फिर भी TATA PROJECTS LIMITED का 80 फीसदी भुगतान कैसे कर दिया गया। ISBT में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा द्वारा दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कांग्रेसी पार्षद गुड्डू चौहान ने यह सवाल उठाया। जिसका किसी अधिकारी ने जवाब नहीं दिया। बैठक में नगर निगम आयुक्त विजय दत्ता सहित अपर आयुक्त व नगर निगम के अफसर मौजूद थे।
पार्षद गुड्डू चौहान ने पूछा पूरे भोपाल में नर्मदा जल की सप्लाई के लिए यूपीए सरकार ने 300 करोड़ रुपए दिए थे। लेकिन नर्मदा जल सिर्फ नरेला और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में ही क्यों दिया गया। यदि बड़ा तालाब और कोलार डैम सूख गया तो शहर में पानी सप्लाई कैसे होगी? यह राशि तो पूरे शहर के लिए थी फिर दो विधानसभा में ही क्यों खर्च कर दी गई? पार्षद के सवालों पर जलकार्य के प्रभारी मुख्य अभियंता एआर पवार ने तर्क दिया कि वे उनके कार्यकाल का मामला नहीं है, इसलिए वह नहीं बता सकते।
स्मार्ट रोड विस्थापितों की शिफ्टिंग कब तक हो जाएगी: मंत्री
इसके अलावा मंत्री शर्मा ने वार्ड 25 और 26 में कम दबाव से पानी आने, नाले-नालियों की सफाई नहीं होने पर अधिकारियों पर नाराजगी जताई। कई जगह स्ट्रीट लाइट नहीं जलने की भी समस्या आई। जनसंपर्क मंत्री शर्मा ने स्मार्ट रोड निर्माण के लिए विस्थापित किए गए परिवारों की शिफ्टिंग कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पूर्व विस्थापन की प्रक्रिया को पूरा किया जाए। इसके लिए जिस स्तर पर, जो भी आवश्यक कदम उठाए जाने हों, वे उठाए जाएं और जहां भी उनके हस्तक्षेप की आवश्यकता हो, अवगत कराया जाए।
यह भी दिए निर्देश :
- मंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से तकलीफों का सामना न करना पड़े। शर्मा ने दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के रहवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए नगर निगम के अधिकारियों को पाबंद किया।
- कई मल्टी स्टोरी में सीवेज निकासी की व्यवस्था करने, पुराने जर्जर कचरा वाहन बदलने, पार्कों के जीर्णोद्धार, विभिन्न स्थानों पर बिजली के खंभे लगाने के निर्देश दिए।
- पंचशील बस्ती में जलभराव वाले हिस्से में नाला निर्माण का काम बारिश से पहले पूरा करने की समय सीमा तय की।
आचार संहिता में रुके कामों के टेंडर किए जाएं
मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में आचार संहिता के कारण जिन कामों के टेंडर नहीं हो पाए, उसकी प्रक्रिया पूरी की जाए। आगामी 8-10 दिनों में दोबारा पालन प्रतिवेदन देने को कहा है। समीक्षा बैठक में कांग्रेसी पार्षद अमित शर्मा, मोनू सक्सेना, संतोष कंसाना, शबिस्ता जकी सहित कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।
महापौर ने जताई नाराजगी
आईएसबीटी परिषद हाल में समीक्षा बैठक को लेकर महापौर आलोक शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी परिषद हाल को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं। उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त से गंभीर मुद्दों पर बैठक के लिए कह चुके हैं, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। जबकि, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ परिषद हॉल में बैठक कर रहे हैं। बता दें कि परिषद हॉल का किराया करीब 50 हजार रुपए तय किया गया है।
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