फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:
गुरुवार की सुबह लगभग साढे 4-5 बजे के बीच पुलिस विभाग के एक कर्मी का ऐसा घिनौना मामला प्रकाश में आया जिससे न सिर्फ जिला बल्कि जिले के पूरे पुलिस महकमा को भी शर्मसार कर दिया है।
बताया जा रहा है मामला सुबह मॉर्निंग वॉक के समय का है जब मोहल्ला रायपुर राजा, थाना देहात कोतवाली निवासी अमित सिंह (काल्पनिक नाम) अपनी बुआ व फूफा के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए आया था तभी रमाकांत यादव नाम का पुलिस कर्मी बच्चे को गुमराह कर एकांत की ओर ले जाकर उसके साथ अप्राकृतिक मैथुन करते हुए अश्लील हरकतें करने लगा जहाँ मौके पर ही उसकी बुवा व फूफा द्वारा उक्त कर्मी को अदम्य साहस का परिचय देते हुवे उसे धर दबोचा गया। आरोपी ने भागने का भी भरसक प्रयास किया जहां एकत्र हुई भीड़ ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। भीड़ की गिरफ्त में उसने झूठ बोलने की भी पूरी कोशिश की लेकिन लड़के अमित के द्वारा खुलेआम सच्चाई का पर्दाफाश किए जाने के बाद उस कर्मी की भी बोलती बंद हो गई। इस दौरान मार्निंग वाक कर रही एक महिला पुलिस कांस्टेबल के द्वारा भी मामले में अच्छी भूमिका निभाई गई जिसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। बाद में मामले में आरोपित कर्मी को बच्चे व उसकी बुआ सहित उपस्थित भीड़ के संरक्षण में पुलिस अधीक्षक आवास भी ले जाया गया। पुलिस के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपित हेड कांस्टेबल रमाकांत यादव को पुलिस अधीक्षक द्वारा निलंबित करते हुए मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी गई। लेकिन क्या इसे मामले की इतिश्री मान लेना पर्याप्त होगा? जिस जिले में महिलाओं, बच्चियों के साथ साथ बच्चों पर खुद खाकी की निगाहें समय समय पर जिले के साथ साथ अपने महकमे को बदनाम करती रही हों क्या ऐसे में मान लिया जाय कि यहाँ के लोगों की आबरू सुरक्षित है???
from New India Times http://bit.ly/2VUN6Fk

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