भिंड। व्यापमं घोटाले के बाद किसान लोन घोटाला से जुड़े लोगों के शव मिलना शुरू हो गए हैं। यहां पंचायत सचिव का शव फांसी पर झूलता मिला था, अब सोसायटी सचिव का की लाश मिली है। लाश में बंदूक की गोली धंसी है। पुलिस दोनों मामलों को आत्महत्या बता रही है परंतु दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बता दें कि व्यापमं घोटाले से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध मौत हुई थी। इनमें तत्कालीन राज्यपाल का बेटा भी शामिल था।
बाघोरा गांव निवासी राय सिंह जादौन (लल्लू) रायपुरा में सहकारी सोसाइटी सचिव थे। गुरुवार उनके फार्म हाउस पर उनका शव मिला। शव में बंदूक की गोली धंसी हुई थी और पास में बंदूक भी पड़ी थी। 5 दिन पहले जामपुरा गांव के ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र सिंह भदौरिया का शव भी फांसी पर लटका मिला था। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और परिजनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को मामले के संबंध में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और न ही आत्महत्या के कारण स्पष्ट हुए हैं।
बताया जा रहा है कि जय किसान कर्जमाफी योजना लागू होने के बाद से सहकारी और पंचायत सचिवों द्वारा किसानों को ऋण दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े की शिकायत आ रही हैं। कुछ मामले ऐसे भी आए हैं, जिसमें किसान ने कर्ज लिया ही नहीं और उसका नाम कर्ज लेने वालों की सूची में दर्ज करा दिया गया। अब इसका खुलासा होते ही फर्जीवाड़ा करने वाले मामले को दबाने में जुट गए हैं। साथ ही वे उन किसानों को ऋण की आधी रकम वापस करने का भी लालच दे रहे हैं।
एसपी ने कहा आत्महत्या है
एएसपी गुरुकर्ण सिंह ने कहा कि सचिव ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। हमें मौके से किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला और न कोई लिखित शिकायत मिली है। सभी चीजों को जांच में शामिल किया गया है।
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) http://bit.ly/2S6CtBC

Social Plugin