भोपाल। वरिष्ठ नेताओं के निशाने पर चल रहे अमित शाह ने विधानसभा के नतीजों से सबक लेते हुए लोकसभा चुनाव के लिए नई रणनीति तैयार की है। 2014 में एक दर्जन से ज्यादा नए चेहरों को मैदान में उतारा गया था लेकिन 2019 के चुनाव में इसका उल्टा होगा। पुराने और जिताऊ नेताओं की तलाश की जा रही है।
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, प्रदेश संगठन महामंत्री सहास भगत के अलावा, चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय को तो दिल्ली से नियुक्ति मिल ही चुकी थी। अब अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के प्रभारी अनिल जैन को मध्यप्रदेश का प्रभार भी दे दिया है। बुधवार को अनिल जैन भोपाल पहुंचे। यहां सभी नेताओं के साथ बैठकर लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री रामलाल, श्री अनिल जैन, श्री स्वतंत्र देव सिंह, श्री सतीश उपाध्याय, श्री राकेश सिंह, श्री शिवराज सिंह, श्री प्रभात झा, श्री सुहास भगत सहित समस्त लोकसभा प्रभारी व संयोजक शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ के प्रभारी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के करीबी अनिल कुमार जैन को अब लोकसभा चुनाव तक मप्र की कमान भी सौंप दी गई है। अनिल जैन अब निरंतर मप्र में डेरा डालेंगे। सारी पॉवर अनिल जैन को सौंप दी गईं हैं। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से साफ संकेत हैं कि जीतने वाले बड़े नेता भी मैदान में उतारे जाएंगे। पिछले चुनाव में करीब आधी सीटों पर नए चेहरे उतारे गए थे, लेकिन इस बार पार्टी ऐसे किसी भी प्रयोग के लिए तैयार नहीं है।
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