सच्चर समिती की सिफारिशों को 12 वर्ष हुए पूरे, एमपीजे ने किया राज्य में धरना आंदोलन

मकसूद अली, ब्यूरो चीफ यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र राज्य में मुस्लिम अल्पसंख्याक समुदाय के कल्याणार्थ सच्चर समिती की सिफारिशें अविलंब पूर्ण रूप से लागु करने हेतु जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष तिरंगा चौक में धरना प्रदर्शन किया गया। इस समय जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौपा गया।

देशभर में मुसलमानों की हर क्षेत्र में दयनीय स्थिती के चलते वर्ष 2005 में केंद्र सरकार ने मुस्लीम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिती पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए सच्चर समिती का गठन किया था। समिती ने 17 नवंबर 2006 को अपनी रिपोर्ट पेश कर दी थी, सिफारिशों को सरकार के सामने रखकर 12 साल बित चुके हैं लेकिन आज तक इस पर अमल नही किया गया।

मुस्लीम समुदाय का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछडापन एक कडवी हकीकत है, जो अनेक सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा गठित आयोग एवं समितियों की रिपोर्ट से साबीत हुआ है। राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्याक कल्याण के लिए आवंटित बजट भी नाकाफी है। अल्पसंख्यक केंद्रीत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास के लिए मल्टी सेक्टोरल विकास कार्यक्रम के धन का भी उपयोग नही कर पाई है। महाराष्ट्र सरकार ने मुस्लीम समुदाय के लिए शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण को रद्द कर दिया था, लेकिन समुदाय के पिछड़ेपन को आधार बताते हुए कोर्ट ने शिक्षा में आरक्षण को बरकरार रखा मौजुदा सरकार ने इस अदालती सिफारीश को लागु करने के लिए कोई कदम नही उठाने का आरोप भी सौपे गए ज्ञापन में किया गया है।



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