'हमो आरवा एक हैं' की सफलता के बाद JAYS का प्लान बी शुरू, 100 सीटों का टारगेट | MP ELECTION NEWS

इंदौर। 'हमो आरवा एक हैं' नारे के साथ जय आदिवासी युवा संगठन के सूत्र संचालक डॉक्टर हीरा अलावा ने मालवा-निमाड़ की चारों आदिवासी प्रमुख जाति भील, भिलाला, पटेलिया और बारेला को एक साथ खड़ा करने में सफलता हासिल कर ली। अब वो एक नया टारगेट सेट करके आगे बढ़ रहे हैं। इसे नाम दिया गया है फॉर्मूला ए2 + ओ। सरल शब्दों में समझाएं तो अब अल्पसंख्यक और ओबीसी को भी जयस के झंडे तले लाने की कोशिश की जा रही है। टारगेट के 100 से ज्यादा सीटों के चुनाव प्रभावित करना। 20 से ज्यादा सीटों पर निकटतम प्रतिद्वंदी और 10 से ज्यादा सीटों पर विजय का परचम। 

बता दें कि मध्य प्रदेश में 21 फीसदी आबादी आदिवासियों की है। आदिवासी मध्यप्रदेश की तीसरा सबसे बड़ा वोटबैंक हैं। 47 सीटें एसटी के लिए रिजर्व हैं जबकि 90 सीटों पर आदिवासी वोटर्स की संख्या 25 हजार से ज्यादा है। बची हुई 47 सीटों पर भी जयस दमदार प्रत्याशी की तलाश में है। कुक्षी, गंधवानी, मनावर, धरमपुरी, बदनावर, धार, सैलाना, रतलाम, रतलाम ग्रामीण, थांदला, राजपुर, पानसेमल, पेटलावद, सेंधवा, जोबट-भामरा, बड़वानी, भीकनगांव, भगवानपुरा, हरसूद, पंधाना, बड़वाह, नेपानगर, सरदारपुर, आलीराजपुर, खरगोन, बागली एवं  खातेगांव में जयस का अच्छा प्रभाव बताया जाता है। 

अब अल्पसंख्यक और ओबीसी पर नजर
1 चुनाव से ठीक पहले जयस ने रणनीति बदली है। आदिवासियों के साथ अल्पसंख्यक और ओबीसी को जोड़ना शुरू किया है। इसके संकेत कुक्षी में किसान पंचायत में मिले। मंच पर तीनों वर्गों के नेता थे। 90% वोट बैंक टारगेट पर। संगठन के संस्थापक डॉ. हीरा लाल अलावा का कहना है कि 80 सीटों पर जयस समर्थित प्रत्याशी उतारेंगे। 35 के लिए बायोडाटा मिलेे हैं। 80 में 47 एसटी और बाकी वो सामान्य सीटें है जहां आदिवासी 15 हजार या उससे ज्यादा हैं। 
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