भोपाल। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद अनुसुईया उइके ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय से अपना एक प्रेसनोट वितरित करवाया है। मजेदार बात यह है कि इस प्रेसनोट में उन्होंने कहा है कि 'मैं एक संवैधानिक पद हूं, मेरी राजनीतिक गतिविधियों में सीधी भागीदार नहीं है।'
मजेदार प्रसंग शाम 6:52 बजे घटित हुआ जब भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ईमेल एड्रेस info@mpbjp.com से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद अनुसुईया उइके के संदर्भ में प्रेस रिलीज प्राप्त हुआ। इसमें बताया गया है कि अनुसुईया उइके ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि किसी व्हाटसएप ग्रुप में उनके बारे में भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। शिकायत में उन्होंने एक प्रिंटआउट भी संलग्न किया है जिसमें लिखा है कि 'अनुसुईया उइके कांग्रेस में शामिल हो सकतीं हैं।'
सुश्री उईके ने शिकायत में लिखा है कि है कि मैं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार की उपाध्यक्ष हूं, जो एक संवैधानिक पद है। इस पद पर रहते मेरी राजनीतिक गतिविधियों में सीधी भागीदार नहीं है। इसके बावजूद मेरे बारे में यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। सुश्री उइके ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भ्रामक संदेश फैलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि आईजी सायबर सेल एवं पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा को भी भेजी है।
बड़ा सवाल यह है कि
यह मामला आचार संहिता के अंतर्गत आता भी है या नहीं यह तो पता नहीं परंतु मजेदार बात यह है कि संवैधानिक पद पर कार्यरत अनुसुईया उइके का प्रेस रिलीज एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय द्वारा भेजा गया जिसमें अनुसुईया उइके द्वारा यह बताया गया है कि राजनीतिक गतिविधियों में मेरी कोई भागीदारी नहीं है।
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