भोपाल। मध्यप्रदेश के 22 जिलों को आसमानी आफत ने घेर लिया है। इलाकों पर काले बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। नदियों एवं बरसाती नालों में बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक साथ 4 सिस्टम एक्टिव हुए हैं। यदि सभी ने बारिश कर दी तो जलभराव तो सुनिश्चित हैं
इन जिलों में हो सकती है भारी बारिश
मौसम विभाग ने आलीराजपुर, बड़वानी, रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, खंडवा, खरगोन, हरदा, होशंगाबाद, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, राजगढ़, गुना, श्योपुरकलां, शिवपुरी और बैतूल जिले में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
बारिश के वैज्ञानिक आधार, जो जरूरी है
1- कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल एवं उत्तरी कोस्टल उड़ीसा के आसपास बना हुआ है इसके साथ ही साथ एक हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा बना है जो 7. 6 किलोमीटर की ऊंचाई तक है जो दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर ऊंचाई के साथ झुका हुआ है।
2- दूसरा सिस्टम एक मानसून ट्रफ लाइन समुद्र के उपर बनी हुई है। जो अमृतसर, करनाल, बरेली, फुरसतगंज, डाल्टनगंज, जमशेदपुर से कम दबाव के क्षेत्र होकर पूर्वी दक्षिण दिशा की ओर उत्तर पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक है।
3- पूर्वी पश्चिमी शेयर क्षेत्र 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर 3. 6 एवं 5. 8 किलोमीटर के ऊपर बना है जो ऊंचाई के साथदक्षिण दिशा की ओर झुका हुआ है यह मध्य भारत में बना है
4-हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात चक्रवाती हवा का घेरा बना है जो 3. 1 किलोमीटर की ऊंचाई पर साउथ गुजरात एवं उसके आसपास के क्षेत्र में बना है।
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