नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना को महत्वाकांक्षी योजना बताया था। सांसदों से गांव गोद लेने की अपील की थी। कम से कम एक गांव को आदर्श गांव बनाने की अपील की थी। उन्होंने खुद भी अपनी लोकसभा सीट वाराणसी के 4 गांव गोद लिए थे परंतु सांसद निधि से गोद लिए गावों के विकास के लिए चवन्नी भी खर्चा नहीं किया। यह खुलासा एक आरटीआई के तहत हुआ है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से जारी यह सूचना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
वायरल आरटीआई के अनुसार कन्नौज के रहने वाले अनुज वर्मा ने प्रधानमंत्री के गोद लिए गांवों के बारे में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक की ओर से 30 जून को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गोद लिए गांव जयापुर, नागेपुर, ककरहिया और डोमरी में प्रधानमंत्री की सांसद निधि से कोई भी कार्य नहीं कराया गया है।
4 साल में 4 गांव आदर्श नहीं बन पाए
वाराणसी के कुछ भाजपा नेता सोशल मीडिया पर तर्क दे रहे हैं कि इन गांवों में सांसद निधि से विकास नहीं हुए परंतु पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों से जनभागीदारी और संस्थाओं की भागीदारी से कई विकास कार्य हुए हैं परंतु क्या विकास हुआ और कितना हुआ इसका रिकॉर्ड किसी के पास नहीं है। विपक्ष को हमला करने का अवसर मिल गया है। पीएम नरेंद्र मोदी 4 साल में 4 गांव भी विकसित नहीं कर पाए।
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