जबलपुर। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि विश्वव्यापी आपदा (Covid-19) कोरोना महामारी की आड़ में जुलाई 2020 में मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोक दी गई थी, जिसे लगभग एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है।
युद्ध और अकाल के समय भी मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं रुकी थी
वर्तमान में मंहगाई आसमान छू रही है जबकि इसके विपरित कर्मचारियों के वेतन में लगभग दो वर्षों से कोई वृद्धि नहीं हुई है, जिसका खामयाजा कर्मचारियों के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार को भी भुगतना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश राज्य गठन के बाद संभवतः यह पहला अवसर है कि राज्य कर्मचारियों की वेतन वृद्धि एक मुश्त रोकी गई। कोरोनाकाल के पहल भी देश के साथ-साथ प्रदेश में अनेक विपदा आई किन्तु पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा कर्मचारियों को आर्थिक हानी नहीं पहुंचाई गई।
संघ के आशुतोष तिवारी, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, नरेन्द्र दुबे, अटल उपाध्याय, जवाहर केवट, प्रहलाद उपाध्याय, मुन्ना लाल पटैल, नरेन्द्र सेन, आलोक अग्निहोत्री, मुकेश सिंह, दर्गेश पाण्डे, मनोज राय द्वेय, शहजाद द्विवेदी, रजनीश पाण्डे, अजय दुबे, सतीश उपाध्याय, अरूण दुबे, विनोद साहू, बलराम नामदेव, अजय राजपूत, गोपाल पाठक, हरिशंकर गौतम, गणेश चतुर्वेदी, के.के.तिवारी, कैलाश शर्मा, लक्ष्मण परिहार, हर्षमनोज दुबे, श्यामनारायण तिवारी, नितिन शर्मा, प्रियांशु शुक्ला, धीरेन्द्र सोनी, मो०तारिख आदि ने माननीय मुख्यमंत्री म.प्र.शासन को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर मांग की है कि इस भीषण मंहगाई के दृष्टिगत रखते हुए कर्मचारियों को देय वेतन वृद्धि/मंहगाई भत्ते पर लगी रोक शीध्र हटाते एरियर्स भुगतान के आदेश जारी किये
जावें।
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