गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

प्रधान अयोध्या प्रसाद की मिलीभगत और अधिकारियों की सरपरस्ती में बिक गई तालाब की जमीन। मामला राजस्व गांव बरही तलाब गाटा संख्या 317 रकबा 0.506 हे. और मसड़ा मोहनपुर में स्थित तालाब संख्या 495 मि. रकबा 01290 हेक्टेयर टांडा तहसील की जमीन पर अवैध कब्जे का है। स्थानीय लोगों ने सैकड़ों बार शिकायत की मगर कार्रवाई कुछ भी नहीं हुई।
दर्जनों शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए बताया कि सरकार और हाई कोर्ट के निर्देश का ग्राम प्रधान और अधिकारियों ने मजाक उड़ाया है। तालाब की जमीन को बेच डाला और मकान बन कर तैयार हो रहा है। तालाब के किनारे लगे हुए नीम और आम के पेड़ को काट दिया गया।
इसी तरह कई तलाब पर मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। कब्जे की होड़ में तालाबों, कब्रिस्तानों, चरागाह व पोखरों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। अब जब शासन ने इन स्थलों के फोटोग्राफ 2018 में मांगे गए तो अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे थे।

दर्जनों लोगों ने शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए बताया कि क्षेत्र की दोनों तालाब गांव की संपत्ति है मगर ग्राम प्रधान द्वारा अपने चहेतों को खुश करने के लिए तालाब की भूमि पर कब्जा करवाया जा रहा है. इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने विजय लाल तिवारी के केस में स्पष्ट रूप से दिशा निर्देश दिया था कि तालाब पर अवैध निर्माण ना किया जाए अगर किसी पर तालाब की भूमि पर कब्जा किया गया है तो उसे तुरंत खाली कराया जाए मगर हाई कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन करते दिखे जिम्मेदार अधिकारी। शासन के आदेश पर बीते 2019 में खूब चलाया गया अभियान मगर अब बेअसर रहा। तालाबों, चारागाहों, कब्रिस्तानों व पोखरों से अतिक्रमण नहीं हटाए जा सके। शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार, अली अहमद, जनार्दन प्रसाद, प्रदीप कुमार, अहमद, महादेव, मुकेश, राम दरस विश्वकर्मा, मोहम्मद अतीक, राहुल कुमार, घनश्याम, शिवनाथ, विशाल जयसवाल, सहदेव कुमार, अमर बहादुर, जय राम, लालमन, महेंद्र कुमार ने टांडा उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर भू माफियाओं से तालाब बचाने की अपील कर रहे हैं। इस संबंध में हल्का लेखपाल आज्ञा राम मौर्य ने बताया कि टांडा तहसील के नयाब तहसीलदार राहुल सिंह की मौजूदगी में तलाब की पैमाइश हुई है।
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