भोपाल। पश्चिम बंगाल से चुनाव हार कर लौटे राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पिछले कुछ दिनों से इंदौर तक सीमित थे परंतु आज उन्होंने शिवराज सिंह सरकार के नंबर दो यानी गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 1 घंटे की क्लोज डोर मीटिंग हुई। यह मीटिंग सुर्खियों में आ गई है। याद दिलाना जरूरी है कि मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी में कई दिग्गज नेता ऐसे हैं जो शिवराज सिंह चौहान को पसंद नहीं करते।
विजयवर्गीय और मिश्रा दोनों ने कयासों पर विराम लगाने की कोशिश की
इस मुलाकात पर कैलाश विजयवर्गीय बोले- जहां कोई नेता एक-दूसरे से मिलते हैँ तो वहां राजनीतिक चर्चा होना स्वभाविक है, लेकिन इस मुलाकात में कोई नया समीकरण नहीं बन रहा है। मैं 6 महीने बाद भोपाल आया हूं, मित्रों से मिलने। बैठक खत्म होने के बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा कैमरे के सामने आए। उन्होंने कहा कि कैलाशजी बंगाल चुनाव में प्रभारी थे। मैं सहायक था। वे मेरे अच्छे मित्र हैं। वे मेरे निवदेन पर चाय पर आए थे। यह सहज मुलाकात थी। इसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि अगले माह नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। कैलाश विजयवर्गीय इसी सिलसिले में रणनीति बनाने आए थे। यहां जिक्र करना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि मध्यप्रदेश में सियासी खेल शुरू हो गया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ लामबंदी होने लगी है। एक वर्ग का मानना है कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर के दौरान सरकार की जो किरकिरी हुई है उससे बचने के लिए मुख्यमंत्री को बदल दिया जाना चाहिए।
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