जबलपुर। संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में पदस्थ एक महिला अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि दिनांक 28 दिसंबर 2020 को उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं प्राचार्यों के व्हाट्सएप ग्रुप में पोर्न वीडियो पोस्ट कर दिया था। कमिश्नर ऑफ डायरेक्टरेट आफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन ने महिला अधिकारी के इस काम को मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है।
Commissioner of Directorate of Public Instruction (DPI) की तरफ से निलंबन का आदेश जारी हुआ है। निलंबन की अवधि में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच किया गया है। विभाग ने माना कि प्रारंभिक स्तर पर महिला अधिकारी ही अश्लील क्लिप को ग्रुप में डालने के लिए दोषी मिली हैं। हालांकि महिला अधिकारी का कहना है कि वह वीडियो उन्होंने पोस्ट नहीं किया बल्कि यह किसी की शरारत है।
डिपार्टमेंटल इंक्वायरी में महिला अधिकारी को दोषी पाया गया है। इसी के चलते उन्हें मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 09 एक के तहत सस्पेंड करके मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यदि विभागीय कार्रवाई के दौरान महिला अधिकारी खुद को निर्दोष प्रमाणित नहीं कर पाती है तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
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