मसूद उर रहमान, आजमगढ़/लखनऊ (यूपी), NIT:

अधिकारियों के मनमाने और घृणित रवैया ने इन दिनों जिला बार एसोसिएशन आजमगढ़ की नाक में दम कर रखा है. पत्रावलियों की सुनवाई नियमानुसार नहीं करना, मनमाने ढंग से आदेश पारित करना, न्यायिक परिसर में पुलिस बंदोबस्त कर अधिवक्ताओं को आए दिन अपमानित करना आम बात सी होकर रह गई है और खासकर जिलाधिकारी राजेश कुमार और एसडीएम सदर गौरव कुमार का रवैया पूरी तरह से असहनीय और अलोकतांत्रिक है जिसे हरगिज़ सहन नहीं किया जाएगा यह कहना है जिला बार एसोसिएशन आजमगढ़ के अध्यक्ष रणविजय यादव का. उन्होंने आगे कहा कि यदि हमारी बातों पर शासन ने संज्ञान नहीं लिया तो हड़ताल का रूप और अधिक व्यापक होगा और इस आंदोलन में मंडल एवं जनपद के अन्य अधिवक्ता संगठन भी भाग लेंगे।
विदित रहे कि जिलाधिकारी और एसडीएम सदर के तानाशाही रवैया के कारण पिछले एक साल के भीतर जिला बार एसोसिएशन ने अब तक तीन बार अदालतों के न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया है लेकिन अधिकारियों के रवैए में जरा भी बदलाव देखने को नहीं मिला और अब एक बार फिर जिला बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी राजेश कुमार और एसडीएम सदर गौरव कुमार के रवैया को लेकर मैदान में है और 15 मार्च तक सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्य का पूरी तरह से बहिष्कार कर रखा है और यह भी तय पाया गया है कि न्यायिक कार्य में भाग लेने वाले अधिवक्ता गण अर्थदण्ड के भागीदार होंगे. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रणविजय यादव ने कहा कि यह लड़ाई इन दो अधिकारियों के स्थानांतरण तक जारी रहेगी और शासन ने यदि कोई सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन का रूप और व्यापक होगा और सहयोग हेतु मंडल एवं जनपद के अन्य अधिवक्ता संगठन भी भाग लेंगे.
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