संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

परिवर्तन प्रकृति का नियम है इसे हमें स्वीकार करना चाहिए। सेवानिर्वर्ती जीवन का एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। शिक्षक के रूप में शासन के साथ साथ 38 साल से समाज की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है इस सौभाग्य को प्राप्त करने में बहुत लोगों का योगदान अविस्मरणीय है जिसके माध्यम से शासन और समाज की सेवा जैसा लक्ष्य का संपूर्ण रूप से निर्वाहन कर पाया, सम्पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका ऋणी हूँ और हमेशा रहूंगा।
उनके कहे शब्दों से सभी लोग ने तालियां बजाकर उनका अभिनन्दन किया तथा उनके ही मार्ग का अनुसरण करने का संकल्प लिया।
उनकी पुत्रबधू जया बाजपेयी ने कहा कि पिता के स्वरूप में ही उनके आदर्शों का अनुसरण करना ही हमारा धर्म है।
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