रितिक रोशन की एक फिल्म (कोई मिल गया) आई थी जिसमें दूसरे ग्रह से आया हुआ एक प्राणी (जिसे जादू के नाम से पुकारा गया) धूप खाता था लेकिन क्या आप जानते हैं अपनी पृथ्वी पर भी एक ऐसा जंतु मौजूद है जो सूरज की धूप खाता है। एक ऐसा पौधा है जो पानी में मछली की तरह तैरता है।
क्या आप जानते हैं कि कोई ऐसा जंतु भी है जो पौधों और जंतुओं के बीच की "संयोजक कड़ी " है। जो पौधों की तरह अपना भोजन स्वयं बनाता है और जंतुओं की तरह एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी जा दूसरे स्थान पर भी जा सकता है। तो बिल्कुल भी हैरान होने की जरूरत नहीं है। उस जंतु का नाम है यूग्लीना (Euglena) जिसमें पौधों और जंतुओं दोनों के मिश्रित लक्षण पाए जाते हैं। इस कारण उसे पौधों और जंतुओं के बीच की कड़ी के बीच की कड़ी (Link) कहा जाता है।
यूग्लीना एक एककोशिकीय, यूकेरियोटिक, प्रोटोजोआ संघ का जंतु है। जो एक स्वच्छ जलीय जीव है जो तालाबों, पोखरों आदि में पाया जाता है। जिसमें पौधों के समान हरित लवक (क्लोरोप्लास्ट) पाया जाता है। जिसकी उपस्थिति के कारण वह अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा स्वयं बना लेता है। इस कारण उसमें पौधों से समानता प्रदर्शित होती है।
जबकि यूग्लीना में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए चाबुक के समान कशाभिका (फ्लेजेला, Flagella) पाया जाता है जिसके गति करने से यूग्लीना अपना स्थान बदलता है। उसका यह लक्षण उसकी जंतुओं से समानता प्रदर्शित करता है।
यही कारण है कि युग्लीना को जंतुओं और पौधों के बीच की संयोजक कड़ी (connecting link) माना जाता है।
जीवन के विकास (Evolution of life) की प्रक्रिया के दौरान जीवितों का वह समूह जो यूग्लीना के पौधों वाले लक्षणों से समानता रखता है, उन्हें वनस्पति जगत में रखा गया।
जबकि जीवितों के वे समूह जो युग्लिना के जंतु वाले लक्षणों से समानता रखता है उन्हें, जंतु जगत में शामिल किया गया। पौधों और जंतुओं के वर्गीकरण के आधारों में से एक आधार यह भी है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article
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