जबलपुर। अब तक आपने आम नागरिकों और कभी-कभी पुलिस अधिकारियों को ठगी का शिकार होते हुए देखा होगा परंतु यह मामला पूरे डिपार्टमेंट को ठगी के शिकार बनाने का है। किसी जालसाज ने एक शपथ पत्र देकर एसडीओपी एसएन पाठक की शिकायत की। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। जब चालान पेश करने की बारी आई तो पता चला कि शपथ पत्र झूठा है। लोकायुक्त पुलिस अब SDOP पाठक को छोड़ उस आदमी की तलाश कर रही है जिस ने शपथ पत्र खरीदा और लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में जमा कराया। शपथ पत्र पर कारोबारी अमित अग्रवाल का नाम लिखा हुआ है।
एक कारोबारी ने कहा कि मेरे नाम का शपथ पत्र झूठा है
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारी एसएन पाठक का नोट गिनते वीडियो वायरल करने वाले रेत कारोबारी अमित अग्रवाल ने लोकायुक्त को शपथ पत्र देने से इन्कार कर दिया है। उसका दावा है कि उसके नाम व हस्ताक्षर से जो शपथ पत्र लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजा गया है वह फर्जी है।
अमित अग्रवाल की हस्ताक्षर और बयान रिकॉर्ड पर लिया जाएगा
व्यापारी अमित अग्रवाल के इस बयान के बाद एसडीओपी के खिलाफ सबूत जुटा रही लोकायुक्त पुलिस व्यापारी अमित अग्रवाल की घेराबंदी में जुट गई है। लोकायुक्त ने झूठा शपथ पत्र देने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ ओमती थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया है। हस्ताक्षर के नमूने व बयान दर्ज करने के लिए ओमती पुलिस ने अमित अग्रवाल को तलब किया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने हस्ताक्षर के नमूने जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भोपाल भेजने के निर्देश दिए हैं।
रेत कारोबारी की कथित शिकायत पर SDOP एसएन पाठक के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है
पाटन में एसडीओपी रहे एसएन पाठक के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस आय से अधिक संपत्ति व भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर चुकी है। लोकायुक्त कोर्ट ने पाठक को जेल भेज दिया था तथा वर्तमान में जमानत पर हैं। पाठक की चल अचल संपत्ति का पता लगाने के लिए लोकायुक्त ने जबलपुर, भोपाल व बनारस स्थित उनके कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी। उक्त कार्रवाई रेत कारोबारी अमित अग्रवाल के नाम पर की गई शिकायत तथा अन्य विभागीय व कानूनी कार्रवाई के आधार पर की गई थी।
स्टाम्प विक्रेता की तलाश शुरू
इन्वेस्टिगेशन प्रोसेस को क्लोज करने के लिए खरीद कारोबारी अमित अग्रवाल के बयान लिए गए तो उन्होंने किसी भी प्रकार का शपथ पत्र देने से इंकार कर दिया। सूत्रों का मानना है कि एसडीओपी पाठक और रेत कारोबारी अग्रवाल के बीच सौदेबाजी हो गई है। रेत कारोबारी अमित अग्रवाल के यू टर्न लेने के बाद FIR दर्ज कर ओमती पुलिस स्टाम्प विक्रेता की भी तलाश कर रही है। ताकि पता लगाया जा सके कि जिस स्टाम्प पर अग्रवाल के नाम शपथ पत्र बनाया गया था वह किसके नाम व परिचय पत्र के आधार पर जारी किया गया था। प्रकरण की विवेचना एसआइ सतीश झारिया को सौंपी गई है।
रेत कारोबारी अमित अग्रवाल के मोबाइल से वीडियो वायरल हुआ था
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी डीएसपी एसएन पाठक वर्ष 2020 में पाटन संभाग में एसडीओपी रहे। उसी समय उनका एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ जिससे सनसनी फैल गई थी। वीडियो में वे नोट गिनते नजर आ रहे थे। आरोप लगाए गए कि अमित अग्रवाल के साथ रेत के अवैध कारोबार में लिप्त होकर उन्होंने लाखों रुपये कमाए। नोट की गडि्डयां गिनते हुए अमित अग्रवाल ने ही अपने नाबालिग बेटे से वीडियो बनवाकर वायरल कर दिया था। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पाठक को पद से हटा दिया गया था। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
इनका कहना है
लोकायुक्त पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारी पाठक के खिलाफ शपथ पत्र को लेकर शिकायत की गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। अमित अग्रवाल के बयान दर्ज कर शपथ पत्र पर उसके हस्ताक्षर की तकनीकी जांच कराई जाएगी।
- एसपीएस बघेल, टीआइ ओमती
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