मां की जगह गाय का दूध तो क्या बीमार बच्चे को पापा की जगह बैल का खून चढ़ा सकते हैं - GK IN HINDI

भारतीय संस्कृति के प्रचलन में है यदि कोई माता अपने नवजात शिशु को दुग्धाहार के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसे बच्चों को गाय का दूध पिलाया जाता है। कहा जाता है कि गाय का दूध भी उतना ही पौष्टिक और शक्तिशाली होता है जितना कि मां का दूध। इसीलिए तो गाय को माता के समान पूजा जाता है। प्रश्न यह है कि एक बालक के लिए मां की जगह गाय का दूध पिलाया जाता है तो क्या उसके बीमार होने पर गाय का खून भी चढ़ा सकते हैं। 

क्या कभी इंसान को किसी जानवर का खून चढ़ाया गया है

मेडिकल साइंस के रिकॉर्ड के अनुसार गरीब 1600 साल पहले इंसान को चोट लगने पर ये बात पता चली कि शरीर में ब्लड नाम की कोई चीज होती है। पहले मानव शरीर में खून की कमी पूरी करने के लिए जानवरों को खून चढ़ाया जाता था, लेकिन ये खून इंसान के शरीर में इंफेक्शन और अन्य बीमारियां फैलाने में सहायक होता था। इसकी वजह से इंसान की मौत भी हो जाती थी। ये जानकारी केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन डिपार्टमेंट के 6वें स्थापना दिवस के मौके पर पुणे जनकल्याण बैंक के डॉ. अतुल कुलकर्णी ने दी। 

क्या जानवरों के भी ब्लड ग्रुप होते हैं 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मनुष्यों की तरह जानवरों के भी ब्लड ग्रुप होते हैं। आप पढ़कर क्योंकि जाएंगे क्यों मुर्गियों के 60 ब्लड ग्रुप होते हैं। कुत्तों में 11, बिल्लियों में तीन, घोड़ों में 8 और सूअरों में 30 ब्लड ग्रुप होते हैं। लेकिन पृथ्वी पर अब तक पाए गए जितने भी जानवर हैं उनमें से किसी का भी ब्लड ग्रुप मनुष्य से मैच नहीं करता। गाय का दूध निश्चित रूप से अमृत के तुल्य है परंतु गाय किसी मनुष्य के लिए रक्तदान नहीं कर सकती। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 

सामान्य ज्ञानः कुछ मजेदार जानकारियां

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