गुलज़ार अहमद, ब्यूरो चीफ, मैनपुरी (यूपी), NIT:

परिवार में एक दूसरे के लिये जुबानी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा प्रसपा के अस्तित्व पर सवाल उठाने के बाद सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री व प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी जोरदार हमला बोला है।
सोमवार को नगर के कॉलेज संचालक डॉ.गजराज यादव के आवास पर पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने उनकी मां के आकस्मिक निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में बेबाकी से जवाब दिए।उन्होंने कहाकि किसान आंदोलन में प्रसपा किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। बीजेपी सरकार कॉरपोरेट घरानों के दबाब में किसानों के साथ अन्याय कर रही है।नए कृषि कानून के लागू होने के बाद किसान अपने खेत में मजदूर बनकर रह जायेगा। प्रो. रामगोपाल यादव के प्रसपा के अस्तित्व पर सवाल उठाने पर कहाकि कुछ लोग नहीं चाहते कि परिवार में दोबारा एकता हो। उन्होंने बिना शर्त के अखिलेश से बात करने का प्रस्ताव दिया था पर लोगों ने बात नहीं बनने दी। वह खुद पार्टी को बनाने से पहले चार बार प्रो. रामगोपाल यादव से मिलने गए थे। गठबन्धन होने पर वह अखिलेश को ही मुख्यमंत्री बनाने को तैयार हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा की पांच सीटें आने के बाद बड़ा गठबन्धन बनाने के लिये वह नीतीश कुमार, लालू यादव, शरद पवार, अजीत सिंह से मिले थे लेकिन कुछ लोगों ने इसमें अड़ंगा लगा दिया। वर्तमान हालातों को देखते हुए सभी दल मिलकर ही भाजपा को हरा सकते हैं। भविष्य में प्रसपा का सपा में विलय किसी कीमत पर नहीं होगा सिर्फ गठबन्धन हो सकता है। आगामी 2022 में प्रसपा के बिना किसी दल की सरकार बनना मुश्किल है।भाजपा का प्रोटेम स्पीकर बनाने पर उन्होंने कहाकि सपा को विचार करना चाहिए कि बहुमत होने के बावजूद आखिर ऐसा क्यों हुआ। इस मौके पर जिलाध्यक्ष वोट सिंह यादव, विधानसभा प्रत्याशी गिरीश कठेरिया, आजम खां, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनरेश यादव, पूर्व चेयरमैन जैसीराम यादव, प्रधान चन्दगीराम यादव, अमित यादव, सर्वेश गुप्ता, नेहा चौहान, उमाकान्त यादव, अखिलेश यादव, ब्रजमोहन यादव, चन्द्रभूषण यादव, सीमा यादव, अशोक यादव, मुसू यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
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