मो.मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री प्रकाश कुमरे द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। सरपंचों को दो वर्षों का मानदेय नहीं मिला है। सरपंचों को 1750₹ प्रतिमाह मानदेय शासन द्वारा दिया जाता है। कार्यकाल समाप्ति के कगार पर है फिर भी मानदेय नहीं मिला है जिसे लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गयी है।
जनपद पंचायत जुन्नारदेव के सभी सरपंच आदिवासी सरपंच हैं आदिवासी सरपंच के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित नहीं हैं। प्रकाश कुमरे अध्यक्ष सरपंच संघ जुन्नारदेव ने बताया कि कोरोना की संकट की घंडी में जान जोखिम में डाल कर काम किया गया लेकिन मानदेय के आभाव में परिवार में आर्थिक संकट और मानसिक पीड़ा से जुझ रहे हैं। 95 आदिवासी सरपंच को भी अपने अधिकार से शासन ने बंचित रखा है ने तो आमजन के क्या हालात होंगे?
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