साबिर खान, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

मीरा-भाईंदर में कोर्ट शुरू करने के लिए सरकार से बजट में 9.5 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की मांग को डॉ.आसिफ शेख ने एक पत्र देकर उप मुख्यमंत्री अजित पवार को दी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता व मनपा में पुर्व विरोधी पक्ष नेता डॉ.आसिफ शेख ने मांग की है कि मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र मीरा रोड में में बनी हुई आपराधिक और सिविल कोर्ट की इमारत में बचे हुए फर्निचर व लाईट आदि अन्य विकास कामों को पूरा करने के लिए आगामी राज्य सरकार के बजट में 9.5 करोड़ रुपये का प्रावधान करना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री अजित पवार को दिये हुए लिखित पत्र में डॅा आसिफ शेख ने कहा कि राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग ने मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र के मीरा रोड में एक आपराधिक और नागरिक अदालत (क्रिमिनल व सिविल कोर्ट) भवन का निर्माण किया है और बचे हुए प्रलंबित विकास के काम पुरा करने के लिए कम से कम 9.5 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।भवन में आवश्यक फर्नीचर और बिजली के काम के अलावा सड़क मरम्मत, कलर पेंटिंग्स आदि कई काम होना बाकी है। आसिफ शेख ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से कहा है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा कानून और न्याय विभाग के माध्यम से राज्य सरकार को प्रस्ताव लगभग एक साल पहले ही भेजा गया है और इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है इसलिए अदालत का काम अधूरा है। डॅा आसिफ शेख ने कहा है कि यह काम तब तक शुरू नहीं किया जा सकता है जब तक कि राज्य का आगामी बजट में प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी के लिए 9.5 करोड़ रुपये प्रदान नहीं करता है। गौरतलब है कि तेजी से बढ़ते शहर मीरा-भाईंदर की आबादी लगभग 15 लाख है और नागरिकों, पुलिस, वकीलों, व्यापारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को अदालती कार्यवाही के लिए ठाणे की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उनका बहुत समय, पैसा और ऊर्जा खर्च होती है। डॅा.शेख ने पत्र में यह भी कहा है कि अगर मीरा-भाईंदर की अदालत जल्द शुरू होती है तो नागरिकों सहित सभी को राहत मिलेगी।
from New India Times https://ift.tt/3anSPfb
Social Plugin