भोपाल। मुरैना शराब कांड में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और एसपी को बदल दिया था। इधर गृह विभाग ने एसडीओपी को भी सस्पेंड कर दिया है, और पूरा थाना लाइन अटैच कर दिया है। इससे पहले टीआई सहित चार पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। उल्लेखनीय है कि 5 लोगों की मौत के बाद भी एसडीओपी शराब की क्वालिटी के बजाय लोगों को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे थे।
मुख्यमंत्री के सवाल पर कलेक्टर एसपी ने कहा था- दिखवाते हैं, इसलिए हटाए गए
मुख्यमंत्री ने मुरैना कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजानियां से शराब कांड के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- दिखवाते हैं। इस पर सीएम नाराज हो गए हैं और उन्होंने दोनों को तत्काल पद से हटाने के आदेश दे दिए। एसडीओपी सुजीत भदौरिया को सस्पेंड और बागचीनी थाने का पूरा स्टाफ लाइन अटैच कर दिया। फिर राज्य शासन ने डिंडोरी कलेक्टर बक्की कार्तिकेयन को मुरैना का नया कलेक्टर बनाया है। साथ ही भोपाल में सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल के सुनील कुमार पांडे को एसपी पदस्थ किया गया है।
हटाए गए वर्मा को शासन में उप सचिव तथा सुजानियां को पीएचक्यू में भेजा गया है। सीएम ने घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। इसमें अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, एडीजी ए. सांई मनोहर और डीआईजी मिथिलेश शुक्ला को रखा गया है। एसआईटी गुरुवार से ही जांच शुरू करेगी।
जहरीली शराब मेें इंडस्ट्रियल स्प्रिट का उपयोग होने की संदेह
बागचीनी के मानपुरा, छेरा गांव में जिस जहरीली शराब से मौत हुई उसमें इंडस्ट्रियल स्प्रिट और उसे फाड़ने के लिए सस्ते जहरीले केमिकल का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। यह स्प्रिट मुरैना में हरियाणा व राजस्थान से केमिकल के नाम से आता है।
मुरैना में स्प्रिट से बनाई जा रही है शराब
सरकारी ठेके लेने वाले शराब ठेकेदारों के मुताबिक आबकारी अफसरों की मिलीभगत से अवैध वसूली कर कच्ची शराब, स्प्रिट से बनी शराब का धंधा खड़ा हो गया है। ठेकेदार से जितने का काम उसने जिले में लिया है, उस नाम से प्रतिशत तय कर मदद की जाती है। प्रतिशत नहीं देने पर अवैध शराब कारोबार को प्रोत्साहित किया जाता है।
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