भोपाल। 2 लाख करोड़ की कर्जदार मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खर्चों में कटौती नहीं कर रहे बल्कि खर्चों के रास्ते ही बंद कर रहे हैं। इसी प्लान के तहत मध्यप्रदेश में दो विभाग (स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग) को मर्ज करके एक विभाग बनाया जा रहा है। ऐसा करने से एक डिपार्टमेंट के मैनेजमेंट पर होने वाला भारी-भरकम खर्च हमेशा के लिए कम हो जाएगा।
फिलहाल चिकित्सा शिक्षा विभाग विश्वास सारंग और स्वास्थ्य विभाग प्रभुराम चौधरी के पास है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने दोनों मंत्रियों से सहमति करवा ली है। एक विभाग हुआ तो मंत्री भी एक ही रह जाएगा। दूसरे मंत्री को कहीं और एडजस्ट करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग में दोनों डिपार्टमेंट के मर्जर की तैयारी शुरू कर दी है।
फायदा होगा या नुकसान
स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग दोनों को मर्ज कर देने पर फायदा होगा या नुकसान इसका पता समय के साथ ही चलेगा लेकिन एक बात महत्वपूर्ण है कि मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह शासनकाल से पहले तक जब विधानसभा के सत्र नियमित रूप से और पूरे समय के लिए संचालित होते थे, तब किसी भी विभाग का गठन 'आनंद विभाग' की तरह नहीं होता था।
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