भोपाल। भारत के पश्चिमी क्षेत्र और पाकिस्तान से उठे बादल मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में रिकॉर्ड बारिश कर चुके हैं। बुधवार को बुंदेलखंड एवं जबलपुर आसपास के इलाकों में बादल एवं बारिश की खबरें आ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों का दल भोपाल के आसमान पर आना शुरू हो गया है। बुधवार को यदि इसी तरह बादल आते रहे तो गुरुवार को भोपाल में बरसात होगी।
बुधवार को टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि उत्तर भारत में आए वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर राजधानी समेत प्रदेश के कई इलाकों में हुआ है। बुधवार को सुबह राजधानी में बादल के साथ धुंध भी छाई रही। इस दौरान विजिबिलिटी 3 हजार मीटर रह गई थी। हल्की धूप निकलने से पारे की चाल धीमी थी। इधर, ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई शहरों और कस्बों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
भोपाल को ज्यादा डिस्टर्ब नहीं करेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि देश के उत्तरी हिस्से में पहुंचे वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मौसम में परिवर्तन हो रहा है। बुधवार को एक और ऐसा सिस्टम पहुंचने की संभावना है, लेकिन ये ज्यादा स्ट्रांग नहीं है। इसी वजह से सुबह से ही राजधानी में बादलों के साथ धुंध भी छाई रही। इस दौरान विजिबिलिटी 3 हजार मीटर रह गई थी। हल्की धूप निकलने से पारे की चाल धीमी रही।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण गुरुवार को भोपाल में हल्की बौछारें पड़ने की भी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद हवाओं का रुख उत्तरी होने से एक बार फिर राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज होने लगेगी।
हालांकि सोमवार शाम के बाद हवाओं की दिशा उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हुई है। इससे ग्वालियर-चंबल संभाग में अधिकतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में भी मंगलवार को दिन के तापमान में मामूली कमी दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री और अधिकतम 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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