नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना के T-90 और T-72 टैंक तैनात कर दिए गए हैं। भारत की सेना की ओर से कुछ फोटो और वीडियो भी जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि बातचीत से तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं परंतु अभी तक चीन की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
लद्दाख की सर्दियां बेहद सख़्त और ख़तरनाक होती हैं
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन दोनों के लगभग 50-50 हज़ार सैनिक तैनात हैं। टैंकों, तोपखाने और वायुसेना की भी तैनाती है। लद्दाख की सर्दियां बेहद सख़्त और ख़तरनाक होती हैं। उम्मीद की जाती है कि चीन अपने सैनिकों की जान खतरे में नहीं डालेगा और उन्हें पहाड़ों से नीचे बुलाएगा ताकि उन्हें मौसम के प्रकोप से बचाया जा सके।
PLA (चीन की सेना) पर हमारी नजर लगातार है: भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारी
एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, "हम परिस्थितियों पर नज़र रखे हुए हैं। हमें देखना होगा कि पीएलए क्षेत्र में अपने कितने सैनिकों की तैनाती रखती है। पीएलए सर्दियों में भी कुछ अहम जगहों पर सैनिक तैनात रख सकती है।"
सभी लॉजिस्टिक तैयारियां अपनी जगह पर हैं
'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स' सिर्फ भारतीय सेना का नहीं बल्कि दुनिया भर की आर्मी का अनोखा हिस्सा है। क्रू और इक्विपमेंट की तैयारी को सुनिश्चित करने के लिए आज हमारी सभी लॉजिस्टिक तैयारियां अपनी जगह पर हैं: मेजर जनरल अरविंद कपूर, चीफ ऑफ स्टाफ,14 कॉर्प्स
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