हिंदू धर्म में प्रतिष्ठित शास्त्रों के अनुसार सावन का महीना हमेशा ही मानव जीवन के लिए चमत्कारी रहा है। इस 1 महीने में मनुष्य चाहे तो अपने जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन कर सकता है। कहते हैं कि मनोकामना पूर्ति के अलावा सावन में शिव का अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति भी मिलती है। किस रोग के लिए किस प्रकार से शिव का अभिषेक करें, ज्योतिष शास्त्र में इसकी विधि भी बताई गई है।
सिरदर्द, नेत्र रोग, अस्थि रोग से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
सिरदर्द, नेत्र रोग, अस्थि रोग ये सूर्य से संबंधित रोग होते हैं। इन रोगों से मुक्ति पाने के लिए सावन के महीने में आक वृक्ष के पुष्पों, पत्तों एवं बिल्वपत्रों से शिवलिंग का पूजन करना चाहिए।
बीपी, खांसी जुकाम आदि रोग से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
श्रावण मास में शिवलिंग का रुद्री पाठ करते हुए काले तिल मिश्रित दूध धार से रुद्राभिषेक करना चाहिए, इससे चंद्रमा से संबंधित बीमारी या कष्ट जैसे खांसी, जुकाम, नजला, मानसिक परेशानी, रक्तचाप की समस्या आदि में लाभ मिलता है।
रक्त संबंधी रोग से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
मंगल ग्रह के कमजोर होने से रक्त संबंधित रोग होने की आशंका रहती है। इसलिए अगर आपको रक्त से संबंधित रोग है तो गिलोय, जड़ी-बूटी के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें इससे आपको लाभ मिलता हैं।
स्किन, किडनी और लंग इन्फेक्शन से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
बुध ग्रह को कमजोर होने पर चर्म रोग, गुर्दे का रोग, फेफड़े से संबंधित बीमारी जैसे सांस लेने में कठिनाई आदि रोग हो जाते हैं। इन रोगों से मुक्ति पाने के लिए विधारा या जड़ी-बूटी के रस से अभिषेक करना चाहिए।
मोटापा घटाने के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
अगर आपको बृहस्पति ग्रह से संबंधित कोई रोग जैसे चर्बी, आंत, लिवर आदि से जुड़ी कोई बीमारी है तो शिवलिंग पर हल्दी मिश्रित दूध चढ़ाना चाहिए, इससे लाभ मिलता है।
यौन रोगों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
शुक्र के कमजोर होने से वीर्य की कमी,शारीरिक या शक्ति में कमी आदि रोग हो जाते हैं इनसे मुक्ति पाने के लिए पंचामृत, शहद और घृत से शिवलिंग का अभिषेक करना अच्छा रहता है।
जोड़ों के दर्द से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
मांसपेशियों का दर्द, जोड़ों का दर्द, वात रोग आदि शनि से संबंधित रोग होते हैं सावन के माह में गन्ने के रस और छाछ से शिवलिंग का अभिषेक करने पर लाभ मिलता है।
मानसिक रोगों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पूजा की विधि
सिर चकराना, मानसिक परेशानी, अधरंग आदि रोग राहु-केतु की खराब दशा के कारण होते हैं। इन रोगों से मुक्ति पाने के लिए शिव की सभी प्रिय वस्तुओं से अभिषेक करने के साथ मृत संजीवनी का सवा लाख बार जप कराकर भांग-धतूरे से शिवलिंग का पूजन करना चाहिए।
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