राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देश भर में लंबे समय से चल रहे वैश्विक संकट कोराना संक्रमण को लेकर सरकार की ढील के प्रति लोगों की लापरवाही गंभीर संकट को न्योता देने वाली साबित हो सकती है। अनलॉक-1 फेज 2 में सरकार से मिली राहत से बेफ्रिक नागरिक सरकारी गाइड लाईन का न तो पालन कर रहे हैं और न ही कोरोना महामारी के प्रति सजगता का परिचय दे रहे हैं।
8 जून को दोपहर में देवरी नगर के मुख्य मार्ग सहित बाजारों में लोग हजारों की संख्या में घूमते हुए नजर आये, बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंस की धज्जिया उड़ाती
भीड़ सरकारी नियमों को आईना दिखाती रही। नगर के मुख्य मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की देवरी शाखा के बाहर लगभग एक सैकड़ा लोग एकत्र होकर अपनी बारी का इंजतार कर रहे थे। वहीं देवरी नगर में चल रहे क्योस्क सेंटरों पर सोशल डिस्टेंस सहित सुरक्षा मानकों का आभाव देखेने को मिला। नगर में मुख्य चौराहों एवं बाजारों में खरीदारी करने लोग न तो मास्क पहने देखे गये और न ही उनके द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। 8 जून से आरंभ हुए अनलॉक- 1 के फेज 2 में सरकार द्वारा दी गई छूट के प्रति प्रशासनिक चूक सामने आई। सरकार की इस पूर्व निर्धारित राहत को लेकर स्थानीय
प्रशासन द्वारा कोई तैयारिया नहीं की गई। न तो नगर में प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की तैनाती की गई न ही भीड़ नियंत्रण के लिए कोई दिशा निर्देश जारी किये गये जिसके कारण बाजारों एवं दूकानों पर भीड़ का जमावड़ा शाम तक बना रहा।
विगत दिनों 2 कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद नियंत्रण को लेकर प्रशासन नगर के पृथ्वी वार्ड एवं नजदीकी ग्राम सेमराखेड़ी में कन्टेन्मेंट ऐरिया बनाये गये हैं साथ ही कोरोना नियंत्रण को लेकर फीवर क्लीनिक की कवायद भी आरंभ की गई लेकिन ऐसी स्थितियों में बाजारों एवं सार्वजनिक संस्थानों में नियमों की अनदेखी गंभीर
परिणामों को आमंत्रण देने वाली हो सकती है।
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