इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने के बाद लगातार आंदोलन करके सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बन गए उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए चिंता वाली बात हो सकती है। अतिथि विद्वानों ने सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे अतिथि विद्वानों ने लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने भी पीएससी परीक्षा घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई थी परंतु सरकार बनने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने इस मामले की जांच नहीं करवाई।
याद दिला दें ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अतिथि विद्वानों की मांग का समर्थन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी इस मामले में अतिथि विद्वानों के टारगेट पर हैं। अतिथि विद्वानों का दावा है कि पीएससी घोटाले को छुपाने के लिए सरकार ने चयनित उम्मीदवारों को फटाफट नियुक्तियां दे दी और अतिथि विद्वानों को सड़क पर ला दिया।
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