अब मिशन बिहार पर प्रशांत किशोर, जदयू से दो-दो हाथ की तैयारी

अब मिशन बिहार पर प्रशांत किशोर, जदयू से दो-दो हाथ की तैयारी

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की ताजपोशी हो गई. आम आदमी पार्टी ने बड़े बहुमत से सरकार बनाई. केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने और अगले पांच साल के अच्छे होने के दावे और वादे के साथ अपने छह मंत्रियों के साथ उन्होंने रामलीली मैदान में शपथ ली. इस पूरी कवायद में जुड़े प्रशांत किशोर का मिशन पुरा हुआ और जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे प्रशांत किशोर अब बिहार के मिशन पर निकलेंगे. ऐसा कहा जा रहा है कि जदयू से बाहर किए गए प्रशांत किशोर मंगलवार यानी 18 फरवरी को पटना पहुंचेंगे और अपनी अगली रणनीति को सार्वजनिक करेंगे.

सीएए के मुद्दे पर पार्टी लाइन से अलग जाकर विरोध जताने वाले प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार ने जदयू से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. प्रशांत किशोर पार्टी लाइन से अलग जाकर लगातार अपनी राय सामने रख रहे थे. प्रशांत किशोर के रुख से नीतीश कुमार नाराज दिखे और आखिरकार उन्हें जदयू से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. तब प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा था कि वे दिल्ली चुनाव के बाद बिहार में ही डेरा जमाएंगे. दिल्ली में केजरीवाल की जीत से प्रशांत किशोर का आत्मविश्वास बढ़ा है. जाहिर है अब वे पटना में कुछ करने की तैयारी में हैं.

दिल्ली में सत्ता वापसी के बाद भले ही अरविंद केजरीवाल गदगद अपने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को गले लगा रहे हों लेकिन बिहार में एनडीए के नेता प्रशांत किशोर का नाम सुनना भी पसंद नहीं कर रहे. प्रशांत किशोर का नाम सुनते ही बिहार में जदयू और भाजपा के नेता भड़क जाते हैं. ठीक वैसे ही जैसे लाल कपड़े को देख कर सांड भड़कता है. मिशन दिल्ली पूरा करने के बाद प्रशांत किशोर ने ऐलान किया था कि वे 18 फरवरी को पटना आएंगे और उनका पूरा ध्यान बिहार की राजनीति पर होगा.

प्रशांत किशोर के बिहार आने की बात सुनकर जदयू के नेता केवल इतना कह रहे हैं कि जनता मालिक है जनता ही किसी को सत्ता में आने का मौका देती है और उसकी पैनी नजर सत्ता में बैठे लोगों की तरफ से किए गए विकास के कार्यों पर होती है. जदयू के नेता और बिहार सरकार के मंत्री श्याम रजक ने कहा कि प्रशांत किशोर या हो या फिर कोई और उनके आने से जदयू को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. वैसे भाजपा दिल्ली में प्रशांत किशोर के प्रदर्शन पर ही सवाल खड़े कर रही है.

नीतीश कैबिनेट में भाजपा कोटे से मंत्री बनाए गए प्रमोद कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर की वजह से अरविंद केजरीवाल का प्रदर्शन पहले से गिरा दिया है. भाजपा नेता ने कहा है कि अगर प्रशांत किशोर आम आदमी पार्टी की सीटों की संख्या बढ़ा देते तो उन्हें क्रेडिट मिलता लेकिन हकीकत यही है कि आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन पहले से खराब रहा. प्रशांत किशोर को लेकर भाजपा और जदयू के अपने-अपने दावे हैं लेकिन हकीकत यही है कि सबकी नजर पीके पर टिकी हुई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि 18 फरवरी को पटना पहुंचने के बाद पीके बिहार की राजनीति में किस तरह की फिरकी लेते हैं.

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