चुनाव प्रचार के दौरान किसी को अंदाजा नहीं था कि 'आप' फिर से 60 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज कर सकेगी। लेकिन हुआ उसके उलट, केजरीवाल की पार्टी ने चुनाव में 62 सीटें अपने नाम कीं। शाहीनबाग और विकास के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार के घेरने वाली भारतीय जनता पार्टी को बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
जिन विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी ने अपने स्टार दिग्गजों को चुनाव प्रचार में उतारा था वहां से भी पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण द्वारका विधानसभा क्षेत्र है जहां खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी रैली को संबोधित किया था। उस सीट से 'आप' नेता विनय मिश्र बड़ें अंतर से जीत दर्ज की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के कई स्थानों पर ताबड़तोड़ रैलियां कि जिनमें से पार्टी को सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत मिली और बाकि में बड़ी हार। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद परवेश वर्मा का जिन्होंने रैली के दौरान विवादित बयान दिया था। विवादित टिप्पणी के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी और नतीजो में जनकपुरी से भाजपा प्रत्याशी आशीष सूद 14,917 वोटों से हार गए।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का 'गोली मारो' बयान तो आपको याद ही होगा। इस बयान के बाद उस सीट से आप के प्रत्याशी मोहिंदर गोयल ने भाजपा के मनीष चौधरी को 13,817 वोटों से हराया। बीजेपी उम्मीदवार कपिल मिश्रा को भी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने भी चुनाव की तुलना 'भारत बनाम पाकिस्तान मैच' से किया था.
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