भोपाल। दुनिया में अच्छे लोग अभी जिंदा है, फर्क बस इतना है कि वह सोशल मीडिया पर वायरल नहीं होते। भोपाल के पी नवीन एक ऐसा ही नाम है। पेशे से पत्रकार हैं। वही पत्रकार जिससे सारे समाज को उम्मीद होती है, परंतु जिसे शुक्रिया कोई नहीं बोलता। पत्रकारों के लिए कभी तालिया नहीं बजतीं लेकिन पी नवीन के लिए पिछले दिनों खूब तालियां बजाई गई। उन्हें नेशनल जनरलिज्म अवॉर्ड मिला था लेकिन अवार्ड से बड़ी खबर यह है कि पी नवीन ने अवार्ड में मिली रकम साथी पत्रकार के परिवार को मुआवजे में दे दी।
केरल की संतान लेकिन भोपाल की शान
पत्रकार पी नवीन मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं, वहीं का जन्म हुआ लेकिन पढ़ाई लिखाई मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई। पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में आ गए। केरल मूल के है इसलिए अंग्रेजी पर पकड़ बहुत अच्छी है। इंडिया टुडे, हिंदुस्तान टाइम्स सहित देश के कई प्रतिष्ठित समाचार प्रतिष्ठानों में सेवाएं दी है। इनकी पत्रकारिता की भी अपनी पहचान है। कि किसी पार्टी या विचारधारा के लिए काम नहीं करते, इंसानियत और लोकतंत्र के लिए काम करते हैं।
नेशनल जनरलिज्म अवॉर्ड की रकम दान कर दी
किसी भी व्यक्ति के लिए अवार्ड और उसकी रकम महत्वपूर्ण होते हैं। पत्रकार पी नवीन के अवार्ड के साथ ₹51000 मिले थे। श्री नवीन इन दिनों टाइम्स ऑफ इंडिया में काम कर रहे हैं। इसी अखबार में गुवाहाटी आसाम से सेवाएं देने वाली एक पत्रकार का पिछले दिनों निधन हो गया। उसके पूरे परिवार के जीवन यापन का आधार पत्रकार ही था। पी नवीन ने अवार्ड की रकम किसी पत्रकार के परिवार को सौंप दी। पत्रकार बिरादरी में अब पी नवीन का मान और अधिक बढ़ गया है। जब अवार्ड मिला था तब एक हॉल में तालियां बजी थी, अब सोशल मीडिया पर चारों तरफ तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है।
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