नागरिकता कानून पर हुई हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में बंद एक पूर्व आईपीएस से मिलने के लिए शनिवार को लखनऊ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सड़क पर निकलीं. इस दौरान खूब हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. प्रियंका का आरोप है कि स्कूटी पर जाते वक्त पुलिस ने उनके साथ बदलसूकी की. उन्होंने कहा, ‘स्कूटी पर मुझे रोका गया, गला दबाया गया, जिससे मैं गिर गई.’ इस मामले में पुलिस की उस महिला अफसर ने सफाई दी है.
इस मामले में यूपी पुलिस की महिला अधिकारी (सीओ, हजरतगंज) अर्चना सिंह ने कहा, ‘कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा का जनपद लखनऊ में भ्रमण कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसमें मेरी ड्यूटी फ्लीट प्रभारी के रूप में लगाई गई थी. प्रियंका वाड्रा कांग्रेस प्रदेश पार्टी कार्यालय, मॉल एवन्यू से 23/2 कौल हाउस गोखले मार्ग के लिए निकलीं. इस दौरान 1090 चौराहे से निर्धारित मार्ग पर फ्लीट की गाड़ियां जा रही थीं. प्रियंका गांधी वाड्रा की गाड़ी निर्धारित मार्ग पर न जाकर लोहिया पथ की तरफ जाने लगी.’
महिला अधिकारी ने कहा, ‘मैंने जानना चाहा कि वो कहां जा रही हैं (महानुभाव के कैटरगराइज्ड सुरक्षा के दृषटिगत अग्रिम सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था कराई जानी अपेश्रित थी, जिसके बारे में मुझे सूचित नहीं किया गया था). इस पर पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा जानकारी देने से इंकार कर दिया गया.’
अर्चना सिंह ने बताया कि इसके बाद वाड्रा गाड़ी से उतर कर पैदल कार्यकर्ताओं के साथ चलने लगीं. उन्होंने कहा, ‘सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक बातें (जैसे गला पकड़ना, गिराना आदि) प्रसारित किया जा रहा है जो पूर्णत: असत्य है. मेरे द्वारा पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से अपनी ड्यूटी का निर्वहन किया गया.’
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