अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

जामिया एवं एएमयू यूनिवर्सिटी में हुए लाठीचार्ज एवं हिंसक प्रदर्शन पर राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा के राष्ट्रीय सचिव जहीर मुगल ने अपना बयान जारी कर कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को समझ लेना चाहिए कि जब तानाशाही हद से गुजर जाती है तो बगावत होती है। सरकार जानबूझकर एक समुदाय विशेष को कैब और एनआरसी के जरिए निशाना बना रही है, देश की गंगा जमुनी तहजीब को खराब करने का प्रयास कर रही है। 2014 से सरकार कभी तीन तलाक एनआरसी, कैब या किसी और मुद्दे पर बार-बार मुसलमानों को निशाना बनाकर धैर्य और सब्र की परीक्षा ले रही है। मुगल ने स्पष्ट तौर से कहा कि राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा जामिया और एएमयू यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ खड़ी है और अब राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा के कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर इस काले कानून का पुरजोर कड़ा विरोध करेंगे। मुगल ने कहा कि इस देश में मुसलमान बराबरी के भागीदार और हकदार हैं। इस देश की आजादी में मुसलमानों का खून भी शामिल है। दुनिया की कोई भी ताकत इस मुल्क से भारतीय मुसलमानों को जुदा नहीं कर सकती है। मुगल ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा बनाए गए इस काले कानून को रद्द नहीं किया जाएगा तब तक राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा इस काले कानून का कड़ा विरोध करती रहेगी।
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