भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए गुडन्यूज है। हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति पर लगी रोक वापस ले ली है। अब उनकी नियुक्ति में कोई बाधा शेष नहीं रह गई है।
केवल विवादित महिला उम्मीदवारों की नियुक्ति पर रोक
मप्र र्हाइकोर्ट ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी की गई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के चयनित उम्मीदवारों की सूची पर लगी रोक गुरुवार को हटा ली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जो आरक्षित वर्ग की महिलाएं अनारक्षित वर्ग के पदों पर चयनित हुई हैं, केवल उन पदों को रोककर बाकी पदों पर नियुक्ति देने के लिए शासन स्वतंत्र है।
कोर्ट ने आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
कोर्ट के इस फैसले से परीक्षा में चयनित करीब ढाई हजार उम्मीदवारों को सरकारी कॉलेजों में नियुक्ति मिल सकेगी। चयन सूची करीब एक साल से अटकी हुई थी। कोर्ट ने अंजू शुक्ला बनाम मप्र शासन के प्रकरण में असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया में होरिजोंटल महिला आरक्षण के अंतर्गत आयोग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
अब सरकार पर दवाब
इसके चलते पीएससी चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश खातरकर ने मांग की है सरकार जल्द ही चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति करे। इसमें किसी भी प्रकार देरी नहीं की जानी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों की संख्या ढ़ाई हजार से अधिक है। यह सभी पिछले एक साल से नियुक्ति आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अब पीएससी भी दोबारा से 40 विषयों चयनसूची जारी कर चुका है। सिर्फ विषय की चयनसूची जारी करना शेष है।
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