इंदौर। हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार की गई महिला आरती दयाल का एक बयान सामने आया है। इंदौर के लोकल अखबारों में पुलिस सूत्रों के आधार पर छपे इसे बयान में आरती ने इंजीनियर हरभजन सिंह की पोल खोलकर रख दी है और यह भी बताया है कि उन्होंने किस तरह और क्यों हरभजन सिंह को फंसाने का जाल बुना।
इंजीनियर हरभजन सिंह ने 8 करोड़ के ठेके का लालच दिया था
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरती दयाल ने बताया कि नगर निगम इंजीनियर हरभजन सिंह से करीब एक वर्ष पूर्व श्वेता जैन ने बायपास स्थित एक रेस्त्रां में मेरी (आरती दयाल) मुलाकात करवाई थी। हमारे आंखों ही आंखों में इशारे हुए और एक-दूसरे के मोबाइल नंबर शेयर कर लिए। हरभजन ने कहा कि वह आठ करोड़ का ठेका दिलवा सकता है लेकिन इस बात का श्वेता को पता नहीं चलना चाहिए। उसने झांसा दिया और भोपाल व इंदौर की कई होटलों में संबंध बनाए।
आरती दयाल, मोनिका को भी साथ लेकर जाती थी
आरती दयाल ने बताया कि सबसे पहले हरभजन और उसके बीच एसएमएस पर चर्चा शुरू हुई। कई बार उसे मिलने के लिए इंदौर भी बुलाया। आठ महीने पहले हरभजन ने कहा कि वह सरकारी विभागों में आठ करोड़ के ठेके दिलवा देगा, जिससे वह रातोरात करोड़पति बन सकती है। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। भोपाल आने पर कार व होटलों में ले जाता था। इंदौर भी बुला लेता था। आरती ने बताया कि वो अपनी सहायक मोनिका यादव को भी साथ लेकर जाती थी।
हरभजन ने आरती के बाद मोनिका को झांसा देकर फंसा लिया
एक बार हरभजन ने आरती को 20 हजार रुपए देकर शॉपिंग करने भेज दिया। कमरे में मोनिका के साथ ठहरा और संबंध बना लिए। आरती का दावा है कि इंदौर से भोपाल जाते वक्त मोनिका ने उसके साथ हुई घटना बताई और दोनों ने उसी वक्त मोटी रकम ऐंठने का ताना-बाना बुन लिया। लंबे समय बाद भी ठेके नहीं मिलने पर बात बिगड़ी और आरती व मोनिका ने हरभजन को विजयनगर स्थित होटल में बुलाया। इस दौरान मोबाइल व लैपटॉप में वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर छोड़ दी थी। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने कहा, बरामद गैजेट में जो वीडियो मिला है, उसमें मोनिका और आरती शामिल हैं।
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